एलयू में एमबीए मार्केटिंग के छात्र विपिन कुमार को दूसरे सेमेस्टर के मार्केटिंग मैनेजमेंट के पेपर में लगातार तीन बार फेल किए जाने के मामले की सुनवाई अब कुलाधिपति बीएल जोशी करेंगे।
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश पर राजभवन ने यह कदम उठाया है। पीड़ित छात्र को सभी दस्तावेज सहित 18 फरवरी को राजभवन में तलब किया गया है।
छात्र का आरोप है कि उसे जानबूझकर फेल किया जा रहा है, जबकि ओवरऑल वह फर्स्ट डिविजन पास है। एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर में उसके 68 प्रतिशत अंक हैं, केवल एक पेपर में बैक होने के कारण उसका कॅरिअर चौपट हो गया है।
विपिन कुमार ने बताया कि उसने 2010-11 में लविवि में एमबीए मार्केटिंग में दाखिला लिया था। उस साल पैर टूट जाने के कारण वह परीक्षा नहीं दे पाया। इस वजह से प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई 2011-12 से शुरू की।
छात्र का आरोप है कि उसे द्वितीय सेमेस्टर में मार्केटिंग मैनेजमेंट के पेपर में फेल कर दिया गया। इस दौरान उसने बैक पेपर दिया और आगे के सेमेस्टर की पढ़ाई जारी रखी।
उसके एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर में 68 प्रतिशत अंक हैं और चारों सेमेस्टर में उसके ओवरऑल 60 प्रतिशत अंक हैं लेकिन उसे तीन बार लगातार फेल कर दिया गया।
सूचना अधिकार के तहत कॉपी निकलवाई तो पता चला कि उसके जवाब सही है और उसे जानबूझकर फेल किया जा रहा है।
छात्र ने एससी-एसटी आयोग और हाईकोर्ट में वाद दायर किया। एससी-एसटी आयोग ने बीती तीन फरवरी को नई दिल्ली में लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र दोनों को बुलाया था लेकिन वहां कोई नहीं पहुंचा।
अब यहां से आगे की तारखी मिलेगी। वहीं, हाईकोर्ट ने भी इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। बीती छह जनवरी को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पूरे प्रकरण पर कुलाधिपति बीएल जोशी से मामले की सुनवाई कर छह हफ्ते में जवाब मांगा है।
जस्टिस अजय लांबा ने कहा है कि कुलाधिपति दोनों पक्षों को तलब कर सुनवाई करें। अब राज्यपाल के विधि परामर्शी एसएस उपाध्याय की ओर से छात्र को पत्र भेजा गया है।
जिसमें 18 फरवरी को सभी साक्ष्यों व लिखित कथन सहित सुबह 11 बजे उसे राजभवन बुलाया गया है। यहां पर कुलाधिपति बीएल जोशी उसके मामले को सुनेंगे।
इधर, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय का कहना है कि इस प्रकरण पर एलयू नियमानुसार व तर्कसंगत ढंग से अपने पक्ष को महामहिम के सामने प्रस्तुत करेगा। जो भी साक्ष्य होंगे उसे बेहतर ढंग से रखा जाएगा।