फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रा के मेडल लौटाने का मामला राजभवन पहुंचा

Sun, 29 Dec 2013 11:18 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
एलयू में समाजशास्त्र में सर्वाधिक 67.7 प्रतिशत अंक पाकर दो गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा सीमा चंद्रा का मामला राजभवन पहुंच गया है। छात्रा ने इस मामले की शिकायत कुलाधिपति बीएल जोशी से कर न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


उसने लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे व अन्य अधिकारियों को भी ईमेल भेजकर शिकायत कर दी है। छात्रा का कहना है कि वह गोल्ड मेडल नहीं लेगी।

दूसरी ओर एलयू प्रशासन ने अपनी गलती को मानने की बजाए छात्रा को ही दोषी बताना शुरू कर दिया है। इधर लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा) ने इस पूरे मामले पर लविवि प्रशासन को दोषी बताया है।

उसने छात्रा के पक्ष में विवि प्रशासन की ढिलाई का विरोध किया है। एमए समाजशास्त्र की छात्रा सीमा चंद्रा का कहना है कि 29 अक्तूबर को परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी पत्र में डीन व विभागाध्यक्ष से ही चांसलर मेडल के लिए नॉमिनेशन मांगा गया था।
विज्ञापन


जब वह चक्रवर्ती मेडल के लिए इंटरव्यू देने गई तो उसे बताया गया कि चांसलर मेडल के लिए विभाग से उसका नाम ही नहीं आया। छात्रा का कहना है कि यूनिवर्सिटी से उसे न्याय की उम्मीद पहले ही कम थी।

इस कारण वह आहत होकर अपने दोनों गोल्ड मेडल वापस कर रही है। इधर विवि प्रशासन ने शनिवार को एक बैठक किया और उसमें इस मसले पर चर्चा की।

विवि प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले में छात्रा की लापरवाही ही उजागर हुई है। आखिर छात्रा ने फॉर्म क्यों नहीं भरा।

इधर लूटा के महामंत्री डॉ. नीरज जैन का कहना है कि यह पूरा मामला परीक्षा विभाग और समाजशास्त्र विभाग के बीच तारतम्य न होने की वजह से हुआ है।

आखिर कोई स्टूडेंट खुद कैसे तय कर सकता है कि वह विश्वविद्यालय में चांसलर मेडल के लिए योग्य है। यह तय करने की जिम्मेदारी विभागों और परीक्षा नियंत्रक की है।
विज्ञापन


अब विवि प्रशासन मामले में लीपापोती कर खुद छात्रा को दोषी बता रहा है तो हम इसका खुलकर विरोध करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें