प्रदेश विवि यदि दस दिन में रिजल्ट नहीं निकाल पाया तो कॉलेजों में कैसे एससीए का गठन हो पाएगा? विवि को नौ माह से रुके रूसा प्रथम सत्र के परिणाम को हर हाल में 25 सितंबर से पहले घोषित करना ही पड़ेगा। प्रत्यक्ष एससीए चुनाव पर रोक के बाद मनोनयन से एससीए के गठन की प्रक्रिया में यूजी कक्षाओं में प्रथम सत्र के परिणाम की जरूरत मेरिट तैयार करने को होगी।
प्रथम सत्र के छात्र प्रतिनिधियों के मनोनयन को मेरिट जमा दो की परीक्षा के आधार पर बनेगी। तीसरे सत्र में पढ़ रहे छात्रों की मेरिट का आधार प्रथम और द्वितीय सत्र का परिणाम ही होगा। इसे अभी तक विवि घोषित नहीं कर पाया है। प्रथम सत्र का परिणाम बन रहा है तो दूसरे सत्र की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अभी शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में उम्मीद सिर्फ प्रथम सत्र के परिणाम पर टिकी है।
विवि हालांकि एससीए गठन को तय 25 सितंबर की अंतिम तारीख से पहले प्रथम सत्र का परिणाम तैयार करने का दावा कर रहा है, मगर ऐसा होगा भी इसकी गारंटी नहीं है। यदि विवि परिणाम घोषित नहीं कर पाया तो किस आधार पर तीसरे सत्र की मेरिट बनेगी। कैसे छात्र प्रतिनिधियों का मनोनयन संभव होगा, यह कहना मुश्किल है।
समस्या प्रदेश के करीब 112 से अधिक कॉलेजों की है। मामला तीनों संकायों बीए, बीकॉम और बीएससी का है। इनमें प्रथम सत्र में 36 हजार से अधिक छात्र हैं। यदि परिणाम घोषित न हुआ तो तीसरे सत्र में मेरिट आधार पर टॉपर का मनोनयन करना मुश्किल होगा।
25 सितंबर से पहले यूजी रूसा प्रथम सत्र का परिणाम घोषित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारी परिणाम तैयार करने में जुटे हैं। उम्मीद है कि इस सप्ताह परिणाम घोषित कर दिया जाए।
- प्रो. श्यामलाल कौशल, परीक्षा नियंत्रक