परीक्षा दिए दो साल हो गए। ऑनलाइन रिजल्ट भी जारी हो गया, लेकिन मार्कशीट आज तक नहीं मिली। यह हाल है उत्तराखंड श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय का।
चार सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं मिलने से 30 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परेशान हैं। कॉलेज से मार्कशीट मांगने पर जवाब मिलता है कि विवि से मिलेगी और विवि अभी तक मार्कशीट प्रिंट ही नहीं करवा पाया है। हालांकि विवि का कहना है कि आठ दिन में छात्रों तक मार्कशीट पहुंचाना शुरू कर देंगे।
साल 2013 से श्रीदेव सुमन विवि से 30 से ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। इन कालेजों में पैरामेडिकल, मैनेजमेंट सहित कई कोर्स संचालित हो रहे हैं। इन कोर्स में 30 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं बीते दो साल से परीक्षा दे रहे हैं। चार सेमेस्टर की परीक्षा और उनके परिणाम वेबसाइट पर आ चुके हैं। लेकिन इनमें से किसी भी सेमेस्टर की मार्कशीट नहीं मिली है।
छात्रों का कहना है कि विवि की लापरवाही उनके भविष्य पर भारी पड़ रही है। एक छात्र ने बताया कि उनका कोर्स पूरा होने को है लेकिन अब तक मार्कशीट नहीं आई। चिंता हो रही है कि आगे बिना मार्कशीट के दाखिला कैसे लेंगे।
स्टाफ की कमी देरी की वजह
श्रीदेव सुमन विवि के पास रेगुलर और प्राइवेट के करीब 1.60 लाख छात्र हर साल परीक्षा देते हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षा, मूल्यांकन और मार्कशीट तैयार करना चुनौती से कम नहीं है। विवि के पास इस वक्त न तो स्थायी कुलसचिव है और न ही परीक्षा नियंत्रक।
एचएनबी मेडिकल विवि के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल यहां भी कुलसचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कुलपति डा. यूएस रावत के अलावा कुल पांच स्थायी कर्मचारी हैं। बाकी संविदा वाले कर्मचारियों के भरोसे विवि चल रहा है। इस वजह से न तो परीक्षाएं समय से हो पाती हैं, न रिजल्ट और न ही मार्कशीट समय से तैयार हो पाती है।
विवि के पास कम संसाधन होने के बावजूद लगातार व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मार्कशीट का डिजाइन तैयार है। प्रिंटिंग प्रॉसेस भी शुरू हो चुका है। आठ दिन के भीतर छात्रों तक मार्कशीट पहुंचाना शुरू कर देंगे।
- डॉ. उदय सिंह रावत, कुलपति, श्रीदेव सुमन विवि