हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एसएफआई के उत्तेजित कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन वीरवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। वीसी पर हमले के बाद यहां तनाव का माहौल बरकरार है। पढ़ाई ठप है। 25 सितंबर तक शिक्षा बंद का ऐलान है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, दंगा रोधक वाहन और अग्निशमन विभाग के वाटर टेंडर तैनात हैं।
वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच वीरवार सुबह दस बजे अपने दफ्तर पहुंचे। करीब बारह बजे ये लौट गए। इसके बाद करीब चार बजे फिर दफ्तर पहुंचे। इसी तरह प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान, कुल सचिव डा. मोहन झारटा, अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एमएस चौहान भी सुरक्षा इंतजामों के बीच दफ्तर पहुंचे।
तालियां बजाकर वीसी के खिलाफ नारेबाजी
एसएफआई कार्यकर्ता सुबह दस बजे सभी विभागों के बाहर खड़े हो गए। साढ़े दस बजे मुख्य गेट के पास पहुंचे। यहां पुलिस ने इन्हें रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाना शुरू की और पुस्तकालय तक रैली की।
ग्यारह से साढ़े बारह बजे तक गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की रिहाई, फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने और एससीए चुनाव बहाल करने की मांग लेकर प्रदर्शन किया और वीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां पूर्व प्रदेश सचिव खुशी वर्मा, संजीव कुमार, लोकेंद्र ने संबोधित किया। इन छात्र नेताओं ने 25 सितंबर तक पूर्ण शिक्षा बंद का ऐलान किया।
एसएफआई के पूर्व एससीए अध्यक्ष व परिसर सचिव होशियार सिंह का वीरवार को जन्मदिन था। वीसी पर हमले के बाद ये गिरफ्तार हैं। होशियार सिंह के माता-पिता ने बताया कि बेटा आम आदमी की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने संदेश भेजकर बेटे को हैप्पी बर्थ डे कहा।
वीसी बोले, कानून तोड़ने वालों पर करेंगे कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने सभी छात्र संगठनों से परिसर में शैक्षणिक माहौल बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने संगठनों को चेताया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
वीसी पर हमले की ईसी सदस्य सीपीएस इंद्र दत्त लखननाल, विधायक बंबर ठाकुर, प्रदेश पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा और चंद्र शेखर ने कड़े शब्दों में निंदा की है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्राध्यापक संघ हपुटा के अध्यक्ष डॉ. रघुविंद्र सिंह ने भी हमले की निंदा की है।