एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने कुलपति और विवि प्रशासन को साफ शब्दों में कहा है कि बढ़ाई फीस के खिलाफ चल रहे आंदोलन को फैसला वापस होने तक जारी रखा जाएगा। फीस को लेकर संगठन कोई समझौता नहीं करेगा।
इकाई अध्यक्ष सुरेश कुमार, सचिव होशियार सिंह और पूर्व एससीए सचिव पियूष सेवल ने कहा प्रशासन रूसा को लागू करने में रही नाकामी और यूजीसी जैसी संस्थाओं से छात्र कल्याण को आई राशि को खर्च करने में रही नाकामियों को छुपाने की साजिश रच रहा है।
इसके खिलाफ आम छात्रों में पनपे विरोध को दबाने के लिए छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि कुलपति के कार्यकाल में परीक्षा शाखा पूरा ढांच और व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
उनके कार्यकाल में एमटीए में फर्जी परीक्षा परिणाम, पीएचडी में अयोग्य लोगों की एंट्री, विवि में गलत तरीके से कॉलेज शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का प्रयास, 37 शिक्षकों की नियुक्तियों का कोर्ट तक पहुंचना सब विवि में व्याप्त अव्यवस्था और गलत नीतियों के प्रमाण है।
होशियार ने कहा कि विवि में अधिकतर विभागों में गेस्ट फैकल्टी से ही काम चलाया जा रहा है, छात्रों को सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। शोध छात्रों को बिना सुविधाओं के अपना पैसा खर्च कर शोध कार्य करना पड़ रहा है। इन नेताओं ने कुलपति को चेताया कि फीस में बढ़ोतरी को रोल बैक न किया गया तो आंदोलन उग्र होगा।