उत्तराखंड में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) से उच्चीकृत 724 हाईस्कूलों को अब अलग से संचालित करने की तैयारी है।
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के निर्देश पर इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया गया है। इसे मंजूरी मिली तो प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि, ऐसा करने पर सरकार पर प्रतिवर्ष 85 करोड़ का व्ययभार बढ़ जाएगा।
प्रदेश में रमसा के तहत 1056 जूनियर हाईस्कूल उच्चीकृत हुए हैं। उच्चीकरण के बाद इन स्कूलों में पढ़ा रहे जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित किया गया है। इससे प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों के पदोन्नति के अवसरों के साथ ही जूनियर संवर्ग भी समाप्त हो रहा था।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लंबे समय से अलग से हाईस्कूल खोलने की मांग कर रहे थे। रविवार को शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि 724 हाईस्कूलों के अलग से संचालन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।