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चैसकॉन 2014: पीयू में पहुंचे देशभर के दिग्गज

Thu, 27 Feb 2014 11:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कालेज और यूनिवर्सिटी ही नहीं स्कूली स्तर से ही बच्चों में रिसर्च के प्रति जिज्ञासा पैदा की जानी चाहिए। बेहतर स्कूली शिक्षा से ही हायर एजूकेशन पर क्वालिटी प्रोडेक्ट की उम्मीद की जा सकती है।
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यह विचार बुधवार को पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के कुलपति प्रो. रामकृष्णनन रामास्वामी ने कहे। वह पीयू लॉ ऑडिटोरियम में शुरू हुई 8वीं चंडीगढ़ साइंस कांग्रेस (चैसकॉन-14) में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे थे। देश भर से कई जाने माने साइंटिस्ट के अलावा 1200 से अधिक शोधकर्ता और शिक्षकों ने चैसकॉन में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलेरी डिजिज नई दिल्ली डायरेक्टर प्रो. एसके सरीन, पीजीआई चंडीगढ़ डायरेक्टरप्रो. योगेश के चावला, सेंटर फॉर मोलीक्यूलर मॉडलिंग इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी हैदराबाद के प्रो. जी नरहरी शास्त्री, डा. वी रामागोपाल राव, प्रो. एसएम शर्मा, प्रो. जी संजयन और प्रो. एके गांगुली ने भी पहले दिन लेक्चर दिया। बुधवार को पीयू के डा. एसएस भटनागर हाल में भी कई लेक्चर आयोजित हुए।
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शराब से अधिक खतरनाक मोटापा. प्रो. सरीन
लीवर में खराबी के लिए मोटापा शराब से भी अधिक खतरनाक है। बेहतर लीवर और ब्लड प्रेशर के लिए मोटापे पर कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। यह बात नई दिल्ली से इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बायलियरी डिजिज के डायरेक्टर प्रो. एसके सरीन ने अपने शोध में कही है।

बुधवार को प्रो. सरीन पीयू में आयोजित चैसकॉन में मोटापे पर आधारित शोधपत्र में मोटापे से होने वाले नुकसान के बारे में काफी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमेरिका जैसे देश में 33 फीसदी लोगो मोटापे से ग्रस्त हैं। जबकि, भारत में 30 फीसदी और 25 फीसदी बच्चे मोटापे के शिकार हैं। 25 फीसदी लोगों को फैटी लीवर और 5 फीसदी को लीगर से जुड़ी बीमारियां हैं।

उधर, देर शाम पीजीआई चंडीगढ़ डायरेक्टर प्रो. योगेश कुमार चावला ने भी अपने लेक्चर में कहा कि शहरवासियों में मोटापे की दर काफी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने लीवर और हार्ट की बीमारियों से बचने के लिए रेगुलर व्यायाम करने के टिप्स दिए।

अब ई-नोज करेगी स्निफर डॉग का काम. डा. राव
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील जगह पर सुरक्षा को लेकर अभी तक विस्फोटक पदार्थ ढूंढने के लिए स्निफर डॉग का सहारा लिया जाता था। लेकिन, अब देश में ही नैनोटेक्नोलॉजी के कमाल से यह काम मशीनें करने लगेंगी। देश में जल्द ही ई-नोज डेवलेप कर लिया जाएगा।

यह मशीन आईआईटी मुंबई में तैयार की जा रही है। यह जानकारी चैसकॉन में पहुंचे आईआईटी मुंबई से पहुंचे जाने माने साइंटिस्ट डा. वी रामगोपाल राव ने दी। राव ने बताया कि ई नोज एल्ट्रा सेंसेटिव  नैनेट इलेक्ट्रो मैकेनिकल सेंसर की तरह कीम करेगी। नैनोटेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल है।

आज इनके लेक्चर होंगे चैसकॉन में
चैसकॉन में वीरवार को इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी नई दिल्ली प्रेसिडेंट डा.कृष्णलाल के अलावा आईआईटी दिल्ली से प्रो. चारु चक्रवर्ती भी लेक्चर देंगे। चैसकान में क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
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