इंडो ग्लोबल कॉलेजेज में कंप्यूटर टेक्नोलाजी एवं कम्युनिकेशन विषय पर कान्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें कई कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हुए। कान्फ्रेंस का उद्घाटन पीयू के यूआईईटी की डायरेक्टर डॉ रेनु विज ने किया गया।
डॉ विज ने कहा कि मशीनी दिमाग कंप्यूटर को बनाने वाला मानवीय दिमाग भी एक कंप्यूटर ही है। जो संचार के तरीकों को अपनाता है।
उन्होंने कहा कि बेशक कंप्यूटर की कार्यक्षमता बहुत तेज होती है। परंतु मानवीय दिमाग उससे भी अधिक तेज चलता है। उदाहरण देते हुए डॉ रेनु ने कहा कि सड़क पर चलते हुए बेशक हमारे आसपास कितना भी शोर शराबा हो, एंबुलेंस के साइरन की आवाज हमें एक सेकेंड के सौंवे हिस्से में सचेत कर देती है।
सीसको के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अमोद कुमार ने कम्युनिकेशन के बदल रहे तरीकों के बारे जानकारी दी। चंडीगढ़ प्रशासन के कंप्यूटर लैड हैड डॉ. संजय सूद ने कंप्यूटर लैड रिकार्ड के लिए जीपीएस एवं जीआईएस जैसे कम्युनिकेशनल के तरीकों के बारे में अहम जानकारी दी।
पंजाबी युनिवर्सिटी के डॉ. सरबजीत सिंह एवं डॉ साक्षी कौशल, डॉ. बी प्रशाद, डॉ प्रोमिला कौशल, असिस्टेंट प्रो. भूपिंद्र सिंह एवं प्रो. राजेश कुमार ने भी अपने विचार रखे। संस्थान के डायरेक्टर जरनल आर पानीकन ने विद्यार्थियों को कान्फेंस से मिली जानकारी भविष्य में फायदेमंद साबित होगी।