एलयू में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों की फीस में करीब 50 प्रतिशत तक की कमी की गई है।
सोमवार को फीस पुनर्गठन कमेटी की सभी संकायों के डीन के साथ हुई बैठक में फीस घटाने के मुद्दे पर अपनी मुहर लगा दी।
एलयू ने ज्यादातर सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में जान फूंकने के लिए फीस घटाने पर ही सहमति जताई है। सिर्फ छह कोर्स ऐसे हैं, जिसमें फीस बढ़ाने पर मुहर लगाई गई है।
इसमें एमए समाजकार्य (सेल्फ फाइनेंस सीट), पीजी डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन, मॉस्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ, बीपीएड, एमफिल हिंदी व एमपीएड कोर्स में फीस बढ़ाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस पुनर्गठन कमेटी की ओर से तय किए गए इस फीस स्ट्रक्चर को छह मई को होनी वाली वित्त समिति की बैठक और आठ मई को होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में पास कराया जाएगा।
फीस पुनर्गठन कमेटी के चेयरमैन प्रो. एनके खरे ने बताया कि अधिकतर सेल्फ फाइनेंस कोर्स में फीस घटाए जाने पर ही सहमति बनी है।
वहीं, डीन फैकल्टी ऑफ साइंस ने स्नातक स्तर पर साइंस के चलने वाले कोर्सों की फीस स्ट्रक्चर में किसी भी तरह का बदलाव न करने का प्रस्ताव दिया था।
जिसे फीस पुनर्गठन कमेटी ने मंजूर कर लिया है। यूनिवर्सिटी में नए शैक्षिक सत्र 2014-15 में सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को काफी राहत मिलेगी।
उन्हें सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज की पढ़ाई करने के लिए अधिक कीमत नहीं चुकानी होगी।
विदेशी स्टूडेंट्स के लिए पांच गुनी तक महंगी हुई पढ़ाई
एलयू में फॉरेन स्टूडेंट्स की पढ़ाई को तीन गुने से लेकर पांच गुने तक बढ़ा दिया गया है।
इसमें सार्क देशों से लखनऊ विश्वविद्यालय पढ़ने आने वाले देशों के स्टूडेंट, जिसमें श्रीलंका, भूटान, बर्मा, पाकिस्तान आदि शामिल हैं।
इनकी फीस में तीन गुने की वृद्धि की गई है। वहीं, ऐसे स्टूडेंट जो नॉन सार्क देशों से लखनऊ विश्वविद्यालय पढ़ने आएंगे, उनकी फीस में अब पांच गुने तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
रेग्युलर कोर्सेज की फीस करीब 10 प्रतिशत बढ़ी
एलयू में स्नातक, परास्नातक, एमफिल व पीएचडी के रेग्युलर कोर्सेज की फीस में भी 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
इसमें स्नातक कक्षाओं में वार्षिक एडमिशन फीस बढ़ाकर 300 रुपये, परास्नातक में 250 रुपये प्रति सेमेस्टर व पीएचडी कोर्सेज में 500 रुपये फीस में वार्षिक बढ़ोतरी की गई है।
इसके अलावा गरीब छात्र सहायता कोष में स्नातक कक्षाओं में वार्षिक फीस बढ़ाकर 200 रुपये, पीजी कोर्सेज में 100 रुपये प्रति सेमेस्टर और पीएचडी कोर्सेज में गरीब छात्र सहायता कोष में 200 रुपये वार्षिक जमा होंगे।
इसके अलावा एग्जामिनेशन फीस, गेम्स व डवलपमेंट फीस, लाइब्रेरी फीस में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।
इस तरह रेग्युलर कोर्सेज की फीस में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
40 प्रतिशत सीटें भरने पर ही चलेंगे सेल्फ फाइनेंस कोर्स
लखनऊ विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज को चलाने के लिए जो नियम बनाया गया है उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सिर्फ उन सेल्फ फाइनेंस कोर्स, जिसमें सेल्फ फाइनेंस कोर्स में रेग्युलर टीचर पढ़ाते हैं।
उसमें क्लास लेने का वह कोई मानदेय नहीं लेते उनमें ही इस नियम को शिथिल कर दिया गया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अंग्रेजी विभाग की मांग पर कि उनके यहां कोई टीचर सेल्फ फाइनेंस कोर्स में मानदेय नहीं लेता।
सारे रेग्युलर टीचर ही इसमें पढ़ाते हैं, उनकी मांग पर 40 प्रतिशत सीटें न भरने पर भी कोर्स चलाने की छूट दे दी है।
ऐसे ही जो विभाग इस नियम का पालन करेंगे उन्हें यह छूट दी जाएगी।