पॉलीटेक्निक में दाखिले की अंतिम तिथि समाप्त हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है।
इसके बावजूद अभी तक इस वर्ष संस्थान में रिक्त या भरी सीटों की स्थिति साफ नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने संस्थान में दाखिले की अंतिम तिथि 15 अगस्त रखी थी। शिक्षा मंत्री ने 14 अगस्त अंतिम तिथि घोषित की।
एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक रिक्त सीटों की जानकारी संस्थान के पास नहीं है।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से पहले चरण में एक लाख, 33 हजार में से केवल 26 हजार सीटें भरी थीं। दूसरे चरण में 16,634 सीटों का आवंटन किया गया था।
आठ अगस्त को दूसरे चरण के तहत दाखिला लेने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई थी। इसके बाद संस्थानों को दाखिले लेने का अधिकार दिया गया था।
अंतिम तिथि के बाद दाखिलों का पूरा ब्यौरा संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के पास आ जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वहीं, पॉलीटेक्निक के दाखिलों की स्थिति साफ न होने के पीछे मुख्य वजह बैक डेट में एडमिशन होना है।
पॉलीटेक्निक के सूत्रों के अनुसार इस समय निजी संस्थानों में बैक डेट में दाखिले लिए जा रहे हैं। इसीलिए तय समय पर दाखिलों का ब्यौरा जारी नहीं किया गया।
दाखिलों की संख्या घोषित होने के बाद उसमें छेड़छाड़ संभव नहीं हो पाती। इस लिहाज दाखिले का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।