लोकसभा चुनाव के दौरान पोलिंग बूथ बनने वाले स्कूल कम से तीन से चार दिन तक प्रभावित होंगे। इस दौरान यहां पर पढ़ाई या परीक्षा संबंधी काम नहीं हो पाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम पहले से ही तय होने के कारण विद्यालयों ने पहले से ही इसकी तैयारी कर ली है। कुछ विद्यालयों में पेपर हो चुके हैं तो कुछ स्कूलों में परीक्षा कार्यक्रम चुनाव के बाद रखा गया है।
लखनऊ में लोकसभा चुनाव की वोटिंग 30 अप्रैल को होनी है। चुनाव के दौरान लखनऊ के ज्यादातर स्कूलों में बूथ बनाए जाने हैं। बूथ बनने की वजह से कम से तीन दिन विद्यालय पूरी तरह प्रभावित होंगे।
इस दौरान यहां पर पढ़ाई या परीक्षा संबंधी काम नहीं हो पाएंगे। क्वींस इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी मिश्रा के अनुसार अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।
लेकिन कॉलेज में बूथ बनाए जाने की वजह से कम से कम एक दिन पहले जिला प्रशासन का कब्जा हो जाएगा। कई बार दो दिन पहले कॉलेज जिला प्रशासन के हवाले हो जाता है यह स्थिति चुनाव के एक दिन बाद तक रहती है।
इस बात को ध्यान रखते हुए कॉलेज की परीक्षा पहले ही करवा ली गई हैं।
वहीं, अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. जेपी मिश्रा का कहना है कि चुनाव के मद्देनजर उन्होंने अपने यहां की परीक्षाएं दो मई से शुरू करने का फैसला किया है।
राजधानी के बाकी विद्यालयों का भी कुछ ऐसा ही हाल है।
अमीनाबाद इंटर कॉलेज में बनेगा मॉडल बूथ
चुनाव आयोग की पहल पर इस बार अमीनाबाद इंटर कॉलेज सहित 20 बूथों को मॉडल बूथ का दर्जा दिया गया है। मॉडल बूथ पर केवल 10 मतदाता ही लाइन लगाएंगे।
बाकी मतदाताओं के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इन्हें टोकन दे दिया जाएगा।
अपने टोकन नंबर के हिसाब से ये वोट डालेंगे। मॉडल बूथ बनाने के पीछे मुख्य मंशा मतदाताओं को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत दी जा सके।