हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन के एससीए को भंग करने के आदेश के खिलाफ एससीए शिकायत कर दी है।
एससीए ने केंद्रीय चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, चुनाव अधिकारी हिमाचल प्रदेश, मानव संसाधन मंत्रालय, विवि की कुलाधिपति व राज्यपाल हिमाचल प्रदेश सहित यूजीसी को लिखित में शिकायत की है।
शिकायत में एससीए सचिव पीयूष सेवल और सह सचिव मोनिका ने कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण सेवा सिंह चौहान पर आरोप लगाया है कि हिंसा का बहाना कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई एससीए को गैर लोकतांत्रिक तरीके से भंग किया गया है।
शिकायत में इन छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि एससीए ने विवि में गलत ढंग से की जा रही प्रतिनियुक्ति का विरोध कर उसे रद्द करने पर मजबूर किया।
वहीं प्रवेश परीक्षा फीस में की बढ़ोतरी का विरोध कर इसे कम करने पर मजबूर किया। आम छात्रों के आंदोलन से घबराकर ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने एससीए को भंग कर दिया।
शिकायत पत्र में एससीए पदाधिकारियों ने कहा कि महज किसी की शिकायत पर एससीए पदाधिकारियों की संलिप्तता की जांच किए बिना पूरी एससीए को भंग करना गलत है।
शिकायत पत्र में कुलपति और विवि के तमाम अधिकारियों को भी इसी आधार पर हटाया जाना चाहिए कि उनके खिलाफ पुलिस में मामले दर्ज हैं।