दून स्कूल के छात्र समरजीत सिंह ने देश का तिरंगा चीन में फहरा कर देश का नाम ऊंचा कर दिया। चीन के नानजिंग शहर में 16 से 24 अगस्त तक चलने वाले एशियन यूथ गेम्स में समर को भारतीय दल की अगुवाई का मौका मिला।
समरजीत पिस्टल शूटिंग के खिलाड़ी हैं और दून में जसपाल राणा शूटिंग एकेडमी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। टूर्नामेंट में समर 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में लक्ष्य साधेंगे।
2012 में बने नेशनल चैंपियन
समरजीत 2012 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के जूनियर वर्ग में गोल्ड कब्जा चुके हैं। क्रिकेट के दीवाने समरजीत के शूटर बनने की शुरुआत आठ वर्ष की उम्र से हुई। वह पिता मुकुलजीत सिंह के साथ शौकिया तौर पर जसपाल राणा एकेडमी में शूटिंग देखने गए, जहां शौक में पिस्टल उठाकर पहला फायर किया था।
साल 2009 में 10 वर्ष की उम्र में समरजीत ने पहली बार स्टेट लेवल टूर्नामेंट में एयर पिस्टल का स्वर्ण जीता और इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। अमर उजाला से बातचीत में समरजीत ने बताया कि वह हर रोज करीब तीन घंटे अभ्यास करते हैं।
खिताब
वर्ष 2012 में 56वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में सेंटर फायर पिस्टल में स्वर्ण
वर्ष 2011 में 55वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्पोर्ट्स पिस्टल में रजत
वर्ष 2010 में 54वीं राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में एयर पिस्टल में कांस्य
वर्ष 2009 में राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण
वर्ष 2011 में सिंगापुर ओपन में 10वां स्थान
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