इंसानों की तरह देखन, सुनने जैसी कई सारी खूबियों वाला रोबोट मानव IIT रुड़की के तकनीकी महोत्सव काग्निजेंस-2015 में आकर्षण का केंद्र रहा। एसेट ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट दिल्ली की ओर से बनाए गए इस थ्री-डी प्रिंटेड ह्यूमेनायड रोबोट (मानव) का वजन दो किलोग्राम है, जबकि लागत डेढ़ से ढाई लाख रुपये के बीच है।
इंस्टीट्यूट का दावा है कि यह देश में अलग तकनीक का पहला रोबोट है। मानव को बनाने वाले इंस्टीट्यूट के रोबोटिक हेड दिवाकर वैश ने बताया कि यह रोबोट देश में बनाए गए अन्य रोबोट से अलग है। इसमें 21 सेंसर लगे हैं, जिससे यह सभी गतिविधियों को देख सकता है और आवाज को सुन सकता है।
खुद ही बहुत सारे काम कर सकता है। कई तरह के खेल भी खेल सकता है। यह रोबोट 60 सेंटीमीटर लंबा है और इसका वजन दो किलोग्राम है। इसे वाई-फाई ब्लूटूथ से भी कनेक्ट किया जा सकता है। भारत में निर्मित पार्ट्स वाले इस रिमोट की कीमत डेढ़ से ढाई लाख के बीच है।
27 से 29 मार्च तक चलेगा महोत्सव
आईआईटी रुड़की के वार्षिक तकनीकी महोत्सव काग्निजेंस-2015 का शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। महोत्सव में प्रतिभाग करने के लिए देश भर के संस्थानों से करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं जुटे हैं। वहीं तकनीकी क्षेत्र की कई नामचीन हस्तियों के व्याख्यानों को भी महोत्सव का अंग बनाया गया है।
आईआईटी रुड़की में 27 से 29 मार्च तक चलने वाले महोत्सव के पहले दिन आर्मागेडन, रोबोटिक, शील्ड, पॉवर ड्रिफ्ट एवं सिक्स सेंस टेक्नोलोजी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। शील्ड नामक कार्यक्रम के तहत नारी सशक्तिकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई। इसमें भारतीय समाज में शोषित एवं पीड़ित महिलाओं के उत्थान पर बल दिया गया।
वहीं महोत्सव में रोबोट आधारित प्रतियागिता को लेकर विशेष आकर्षण रहा। साइबार्ग ब्रेकइन तथा रोबोसेपियंस प्रतियागिता में एक से बढ़कर एक रोबोट के कमाल दिखाए गए।
आर्मागेडन प्रतियोगिता में युक्ति, योजना, बुद्धि एवं प्रतिभा का संगम देखने को मिला, जिसमें तीरंदाजी से लेकर विभिन्न बौद्धिक क्षमता आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी।
पेंट बॉल फाइटिंग प्रतियोगिता ने भरा रोमांच
तकनीकी महोत्सव में जहां ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं छाप छोड़ रही हैं। वहीं रोमांच से भरने वाली प्रतियोगिताएं भी हैं। इसमें पेंट बॉल फाइटिंग नामक प्रतियोगिता छात्रों में रोमांच भर रही है।
इसमें डिपार्टमेंट आफ मैनेजमेंट के मैदान को छावनी की शक्ल दी गई है, जिसमें लाइफ जैकेट पहने छात्रों के समूह शत्रुओं के रूप में एक दूसरे के सामने नजर आते हैं। रबर की गोलियां भी चलाई जाती हैं। निशानेबाजी में जो आगे होता है उसी टीम के सिर जीत का सेहरा बांधा जाता है। यह प्रतियोगिता छात्रों को खूब भा रही है।
इसके अलावा डांसिंग रोबोट, फुटबाल प्लेयिंग रोबोट आदि प्रतियोगिताओं के जरिए मनोरंजन के भरपूर साधन जुटाए गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। संस्थान निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी ने विश्वास जताया कि महोत्सव नवीन एवं मौलिक विषयों को खोजने में सफल होगा।