रूसा प्रणाली में प्रथम सत्र के 36 हजार छात्रों का परीक्षा परिणाम नौ माह से लटका हुआ है। वहीं, अब दूसरे सत्र का परीक्षा परिणाम भी समय पर नहीं आ पाएगा। वजह यह है कि कॉलेज शिक्षकों ने दूसरे सत्र की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने से इंकार कर दिया है।
शिक्षक जांचने के लिए तय की गई स्पॉट मूल्यांकन की नई व्यवस्था का बहिष्कार कर रहे हैं। शिक्षकों के इस ऐलान से एक सितंबर से प्रदेश भर के 25 केंद्रों में होने वाला मूल्यांकन कार्य पूरा होने पर संशय बन गया है।
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष आरके कायस्थ ने कहा कि रूसा परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए अपनाए गए स्पॉट इवेल्यूएशन के नए सिस्टम को वे किसी सूरत में मंजूर नहीं करेंगे।
वे एक सितंबर से हाई पावर कमेटी के लिए फैसले को नहीं मानेंगे। इस सिस्टम में गोपनीयता पूरी तरह से समाप्त हो गई है। पढ़ाने वाले शिक्षक अपने ही कॉलेज के छात्रों की इंटरनल असेसमेंट से लेकर उत्तर पुस्तिका जांचने तक के पूरे कार्य को कर रहे हैं।
इससे उन पर छात्रों को पास करने का दबाव बढ़ गया है। कायस्थ ने कहा कि जुलाई माह में ही संघ की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में यह फैसला ले लिया गया था। यदि उनसे जबरन काम लेने का प्रयास हुआ तो वे मास केजुअल लीव पर चले जाएंगे।
ये है आपत्ति
-स्पॉट मूल्यांकन की अपनाई नई प्रणाली में नहीं रही गोपनीयता
-पढ़ाने वाले शिक्षक ही करेंगे उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन गिरेगा शिक्षा का स्तर
-शिक्षकों पर बढ़ेगा छात्रों को पास करवाने का दबाव
-नहीं मानने वाले शिक्षक हो सकते है राजनीति का शिकार
-स्कूलों में की तर्ज पर गिरेगा कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर