सेक्टर-25 स्थित चितकारा इंटरनेशनल स्कूल के सातवीं और आठवीं क्लास के सात छात्रों ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर शहर और देश का नाम रोशन किया है।
इन छात्रों ने बोस्टन यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित अकेडमी मॉडल यूनाइटेड नेशंस और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) में हिस्सा लिया।
देशभर से अमेरिका की दो यूनिवर्सिटी में आयोजित एजुकेशनल कान्फ्रेंस में सिर्फ चितकारा इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों को चुना गया था। विभिन्न देशों के 14 स्कूलों से 160 विद्यार्थियों ने एमयूएन में हिस्सा लिया।
सोमवार को कान्फ्रेंस में हिस्सा लेकर लौटे चितकारा स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्टडी टूर से जुड़े अनुभव साझा किए।
नौवीं क्लास के छात्र आशीष ने बताया कि कि साउथ ईस्ट और साउथ कोरिया थीम पर उन्होंने रिसर्च पेपर भी कान्फ्रेंस में पेश किया। इस मौके पर अन्य छात्रों ने भी कान्फ्रेंस और उसके अलावा टूर से जुड़ी बातें बतायी।
जीरो डिग्री से कम में रहने का अनुभव
छात्र शुभजोत ने बताया कि जीरो डिग्री से भी कम तापमान में रहना एक अलग तरह का अनुभव रहा। वहां का कल्चर और लोगों के बीच अनुशासन बहुत अच्छा लगा।
वहीं छात्र मेहताब ने कहा कि इंटरनेशनल लेवल पर पहली बार इतने बड़े कार्यक्रम में जाकर उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। आकाशदीप ने बताया कि यूएस में स्कूल स्तर से ही रिसर्च वर्क पर काफी जोर दिया जाता है, जो कि अपने आप में अच्छी बात है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हुई चर्चा
एमयूएन में तिब्बत में मानवाधिकार, चाइल्ड लेबर, ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। स्कूल की प्रिंसिपल नियति चितकारा ने कहा कि दो महीने तक विद्यार्थियों ने टॉपिक पर गहन शोध किया।
एमयूएन प्रोग्राम में पांच शिक्षक भी गए थे। नियति ने बताया कि इस स्टडी प्रोग्राम में गए विद्यार्थियों को बोस्टन और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से खर्चे में स्कॉलरशिप के तहत रियात दी गई थी।
चितकारा स्कूल के होनहारों के लिए यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्पोजर देने के लिए बहुत ही बढ़िया प्लेटफार्म था। स्कूल स्तर पर रिसर्च की बात तक नहीं होती, लेकिन हमारे स्टूडेंट ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर रिसर्च रिपोर्ट वहां पर पेश की। दोनों यूनिवर्सिटी से लौटे विद्यार्थी अब राष्ट्रीय स्तर की कान्फ्रेंस को खुद प्लान करेंगे। अब चितकारा स्टूडेंट के लिए यह सालाना प्रोग्राम बनाया जाएगा।
डॉ. नियति चितकारा, प्रिंसिपल