पीयू कैंपस में हॉस्टल रूम अलॉटमेंट को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब 1: 45 बजे डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन स्टडीज में एक स्टूडेंट ने हंगामा किया। विभाग के रिसर्च स्कॉलर ने साथियों के साथ विभाग के चेयरपर्सन और अन्य शिक्षकों के साथ धक्कामुक्की और गाली गलौच की।
मामला इतना बढ़ा कि मामले को शांत कराने के लिए पीयू सिक्योरटी और बाद में पुलिस बुलानी पड़ी। छात्र के समर्थकों ने भी विभाग पर ताला लगाने की कोशिश की और कमरे में जाकर करीब एक घंटे हंगामा किया। पीयू के चीफ सिक्योरटी ऑफिसर डा. जितेंद्र ग्रोवर और पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत कराया।
गांधीयन स्टडीज विभाग में पीएचडी कर रहे छात्र सुरेश कुमार जागलान ने हॉस्टल अलॉटमेंट की फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करने को लेकर चेयरपर्सन डा. मनीष शर्मा से बहस करनी शुरू कर दी। देखते ही देखते कहासुनी काफी तीखी हो गई। दोनों तरफ से एक दूसरे पर आरोप लगाए जाने लगे। सुरेश और उनके साथियों ने हंगामा किया।
नौकरी से निकाला तो छात्र का फूटा गुस्सा
चेयरपर्सन डा. मनीष शर्मा के अनुसार सुरेश कुमार की एसजीएसएस खालसा कालेज माहिलपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पिछले साल नियुक्ति हुई थी। लेकिन, जांच में उसकी नियुक्ति गलत पाई गई और उसे नौकरी से हटा दिया गया। डा.मनीष ने बताया कि सुरेश ने नौकरी करते हुए भी विभाग और हॉस्टल में एफिडेविट देकर हॉस्टल की सुविधा ले रखी थी। नियमों के तहत नौकरी करने वालों को पीयू हॉस्टल में कमरा नहीं मिल सकता।
छात्र ने शिक्षक के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत
गांधीयन स्टडीज विभाग में प्रोफेसर. एमएल शर्मा ने कहा कि छात्र ने उनके खिलाफ 13 जून को पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई है। जिस पर उन्होंने विभागाध्यक्ष को छात्र के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए चिट्ठी लिखी थी। साथ ही मामले पर कार्रवाई होने तक सुरेश के हॉस्टल अलॉटमेंट पर भी रोक लगाने की बात कही गई।
झूठे एफिडेविट की होगी जांच
रिसर्च स्कॉलर द्वारा हॉस्टल वार्डन और गांधीयन विभाग में झूठा एफिडेविट देकर नौकरी के दौरान हॉस्टल रखने के मामले में जांच खुल सकती है। पीयू के आला अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। मामले में दोषी पाए जाने पर रिसर्च स्कॉलर के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
कोट्स
स्टूडेंट्स के खिलाफ एक मामले में जांच चल रही है। उसने विभाग और हॉस्टल में झूठा एफिडेविट दिया था कि वह नौकरी नहीं कर रहा। जबकि, वह एक कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहा था। छात्र ने दोस्तों के साथ विभाग में शिक्षकों के साथ बदसलूकी की है। छात्र को हॉस्टल देने का केस डीएसडब्ल्यू के पास भेजा गया है।
डा. मनीष शर्मा, चेयरपर्सन डिपार्टमेंट ऑफ गांधीयन स्टडीज पीयू
मैं काफी समय से हॉस्टल की फाइल क्लीयर करने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन मुझे कोई रिस्पांस नहीं दिया जा रहा। मेरी नौकरी हटवाने में भी विभाग के शिक्षकों का ही हाथ है। मैंने किसी के साथ अभ्रदता नहीं की है।
सुरेश कुमार जागलान, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर, गांधीयन स्टडीज, पीयू
विद्यार्थियों द्वारा शिक्षकों के साथ किए गए व्यवहार की पूटा निंदा करता है। शिक्षकों के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीयू प्रशासन और विद्यार्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा।
डा. देवेंद्र सिंह, पूटा प्रेसिडेंट पंजाब यूनिवर्सिटी