पॉलीटेक्निक संस्थानों में जूनियर छात्रों के साथ हुई मारपीट के मामले में जिलाधिकारी ने प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
वहीं, रैगिंग पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम ने प्रभारी अधिकारी व एडीएम टीजी को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील संस्थानों का औचक निरीक्षण किया जाए।
इसके लिए संबंधित एसीएम से उनके कार्यक्षेत्र में संचालित शिक्षण संस्थाओं का औचक निरीक्षण करा एंटी रैगिंग एक्ट के तहत उल्लेखित प्रावधानों के क्रियान्वयन का स्थलीय सत्यापन कराया जाए।
जिन शिक्षण संस्थाओं में सीसीटीवी कैमरा महज शोपीस बना नजर आए उन्हें सूचीबद्ध कर कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट सीधे डीएम कार्यालय को प्रेषित की जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश परही प्रभारी अधिकारी व एडीएम ट्रांसगोमती ने बीते दिनों एलडीए कानपुर रोड स्थित लखनऊ पॉलीटेक्निक, खुर्रम नगर स्थित हीवेट पॉलीटेक्निक व मोहान रोड स्थित जीबी पंत पॉलीटेक्निक प्रबंधन से बीते दिनों जूनियर छात्रों को पीटे जाने की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इसमें विशेष तौर पर नए छात्रों के परिसर आने व वापसी के सीसीटीवी फुटेज भी देने को कहा गया है।
एडीएम ट्रांसगोमती अशोक कुमार ने बताया कि प्रशासन ने संबंधित एसीएम से भी अपने क्षेत्र में संचालित शिक्षण संस्थाओं में मौके पर जाकर नए व पुराने विद्यार्थियों, टीचिंग फैकल्टी व कर्मचारियों से बातचीत के आधार पर जूनियर छात्रों के उत्पीड़न के मामलों की जमीनी हकीकत जांचने को कहा है।
प्रशासन ने पॉलीटेक्निक प्रशासन से भी अलग अलग बातचीत कर नए छात्रों का उत्पीड़न करने वालों सीनियरों की धरपकड़ को विशेष निगरानी दस्ता भी गठित करने को निर्देशित किया है।
कॉलेज शिक्षकों का यह दस्ता पुलिस की मदद से हॉस्टल से परिसर आने व वापस जाने के दौरान नए प्रवेशार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखेगा।
इसमें चूक पर प्रबंधन से लेकर संबंधित शिक्षक के खिलाफ मौके पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।