उत्तराखंड तकनीकी विवि की सेमेस्टर परीक्षाएं लगातार छात्रों के लिए सिरदर्द साबित हो रही हैं। शनिवार को भी विवि की खामियों की वजह से छात्रों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। एक ओर छात्रों को एक ही विषय के दो बार प्रश्न पत्र बांटे गए तो दूसरी ओर मास कॉम के पेपर में दो सवाल एक जैसे ही पूछ लिए गए।
शनिवार को बीसीए तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों छात्र उस समय मुश्किल में पड़ गए जब अचानक उनके हाथ से पेपर ले लिया गया। उन्हें करीब एक घंटे इंतजार के बाद विवि ने ईमेल के माध्यम से भेजा दूसरा पेपर थमाया। इसके बाद जाकर वह परीक्षा दे पाए।
छात्र दबी जुबान में विवि की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि ऐसा किसी भी परीक्षा में कभी पहले नहीं हुआ कि एक बार पेपर आने, हल करने के बीच में ही विवि पेपर बदल रहा हो। परीक्षा के केंद्र एसजीआरआर आईटीएस के प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि विवि ने दोबारा प्रश्न पत्र बदला। यह पेपर महज 60 अंकों का था जबकि परीक्षा फॉर्मेट में लिखित परीक्षा का पेपर 70 अंकों का होना चाहिए।
मास कॉम के पेपर ने उलझाया, दो प्रश्न एक जैसे
दूसरी समस्या मास कॉम के पेपर में पेश आई। इस पेपर में विवि ने दो सवाल एक जैसे ही दे दिए। इस वजह से छात्र असमंजस में रहे कि आखिर वह कौन सा सवाल हल करें और किस पर कितने अंक मिलेंगे। एलएलबी पांचवें सेमेस्टर के छात्रों ने शिकायत की है कि उन्हें केवल अंग्रेजी में ही पेपर दिया गया।
बाद में जब कुछ छात्रों ने हिंदी में पेपर मांगा तो परीक्षा केंद्र पर किसी शिक्षक ने अंग्रेजी पेपर का हिंदी अनुवाद करके दिया, जिसके बदले में छात्रों को कोई अतिरिक्त समय भी नहीं दिया गया।
होटल मैनेजमेंट की परीक्षा में भी विवि की लापरवाही बरकरार रही। सूत्रों के मुताबिक जीआरडी इंस्टीटयूट और कुकरेजा इंस्टीटयूट में विवि ने पैकेट के माध्यम से होटल मैनेजमेंट के पेपर भेजे। परीक्षा शुरू होने से तत्काल पहले विवि का मैसेज आया कि पैकेट वाला पेपर नहीं बांटा जाएगा। इसके बाद यहां विवि ने ईमेल से पेपर भेजा। इसमें भी करीब 20 मिनट का अतिरिक्त समय बर्बाद हो गया।
विवि के अधिकारियों की सुनिए
लगातार परीक्षाओं में खामियों पर विवि अपनी गलती मानने और छात्रों की समस्या दूर करने के बजाए टाल मटोल वाला रवैया अपना रहा है। मामले में जब विवि के असिस्टेंट एग्जाम कंट्रोलर अरुण शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने ऐसे किसी मामले की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।
परीक्षा विभाग के जिम्मेदार होने के बावजूद अरूण शर्मा ने परीक्षा के प्रवक्ता डा. विमलेश डिमरी का हवाला देते हुए बताया कि ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई।
मामले में जब विवि के परीक्षा संबंधी प्रवक्ता डॉ. विमलेश डिमरी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परीक्षाओं से संबंधित जो भी समस्याएं थी, उन्हें समय रहते हल कर लिया गया था। छात्रों को कोई परेशानी नहीं होने दी गई।