हिमाचल में भले ही छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगा दी गई हो, लेकिन चंडीगढ़ में इन चुनाव को मंजूरी मिल गई है। चंडीगढ़ के होम सेकेट्री का इस संबंध में मंजूरी पत्र पीयू के अधिकारियों को मिल गया है।
छात्र काउंसिल चुनाव पांच सितंबर को होंगे। दोपहर बाद तीन बजे पीयू प्रशासन इस बारे में अधिकारिक रूप से घोषणा करेगा। आधिकारिक घोषणा के साथ ही पीयू में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी।
छात्र संगठनों को प्रचार के लिए लगभग एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 29 अगस्त से शुरू होगी।
पीयू देरी से चाहता था चुनाव कराना
पीयू में शुक्रवार को ही छात्र काउंसिल चुनाव होने की प्रथा रही है। पिछले साल चुनाव बुधवार को हुए थे। पीयू प्रशासन इस साल देरी से चुनाव कराना चाहता था। लेकिन, चंडीगढ़ पुलिस ने जब पीयू से चुनाव पहले सप्ताह में कराने की बात कही, तो पीयू तैयार हो गया।
चंडीगढ़ पुलिस का तर्क था कि चुनाव जितनी देरी से होंगे, कैंपस में उतने ज्यादा दिनों तक झगड़े होते रहेंगे। ध्यान रहे कि पीयू में हाल ही में यूनिवर्सिटी अधिकारियों की छात्र संगठनों के साथ बैठक हुई थी।
इसमें चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। पुलिस ने भी पीयू को चुनाव को लेकर कुछ निर्देश दिए हैं, जिनका पालन चुनावों तक करना होगा। साथ ही छात्र संगठनों को भी पीयू और पुलिस ने कई निर्देश दिए हैं।
शुरू हो गई चुनाव की उल्टी गिनती
पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) छात्र काउंसिल चुनाव की उल्टी गिनती लगभग शुरू हो गई है। पहली बार रिकार्ड 20 से अधिक छोटे-बड़े छात्र संगठन चुनावी मैदान में उतरेंगे, लेकिन छात्र संगठनों को इस बार चुनाव प्रचार में खासी दिक्कत आने वाली है। बड़ी रैलियों पर पीयू ने बैन लगा दिया है। साथ ही पीयू कैंपस में पोस्टर लगाने के लिए लगे बोर्ड कम पड़ गए हैं।
छात्र नेताओं को दीवारों पर पोस्टर लगाने पर लाखों का जुर्माना लग रहा है, तो पोस्टर लगाने की जगह को लेकर भी छात्र नेताओं में तनातनी शुरू हो गई है। रात को एक छात्र नेता का पोस्टर लगता है तो दिन में दूसरी पार्टी के लोग उसपर पोस्टर बदल देते हैं।
चुनाव की तिथि नजदीक आते ही पीयू कैंपस में पोस्टर वार ओर तेजी से शुरू हो जाएगा। पीयू प्रशासन ने पीयू कैंपस के विभिन्न डिपार्टमेंट, हॉस्टल और लाइब्रेरी के सामने 10 से 12 बड़े बोर्ड पोस्टर छात्र संगठनों की डिमांड पर लगवाए थे।
चुनावी रणनीति बनाने का दौर शुरू
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर कैंपस में छात्र राजनीति तेज हो गई है। पीयू अधिकारियों द्वारा सितंबर के पहले हफ्ते में चुनाव करने की अनौपचारिक घोषणा के बाद रविवार से ही कैंपस में चुनावी माहौल तेज हो गया है।
सभी छात्र संगठनों के नेताओं ने चुनाव में समय कम रहने के कारण रणनीति बनानी शुरू कर दी है। दिन भर कैंपस नेताओं की चुनाव में गठजोड़, चुनाव में उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार को लेकर मीटिंग का दौर शुरू हो गया।
आज से शुरू हुआ चुनाव प्रचार
पीयू छात्र संगठनों के पास चुनाव प्रचार के लिए काफी कम समय मिल पाएंगे। ऐसे में चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही सभी छात्र संगठनों ने चुनावी ताल ठोक दी है।
आज से पीयू कैंपस खुल गया और सभी छात्र संगठन चुनावी प्रचार की तैयारियों में जुट जाएंगे। सभी छात्र संगठनों ने चुनावी प्रचार के काम के लिए अलग-अलग कमेटी बना दी हैं।
मारपीट और हुडदंग से दूर रहे तो बेहतर
पीयू में छात्र काउंसिल चुनाव से पहले कैंपस के बिगड़ रहे माहौल को लेकर पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें एसएसपी सुखचैन सिंह गिल, डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल, चीफ सिक्योरटी अफसर डॉ. जितेंद्र ग्रोवर, पीयू स्टूडेंट काउंसिल के पूर्व प्रेसिडेंट चंदन राणा सहित सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए छात्र नेताओं को बताया कि पिछले साल सिर्फ सात छात्र नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी, जबकि अभी तक चुनाव से पहले ही नौ मामले दर्ज हो चुके हैं।
एसएसपी ने कहा कि कैंपस में चल रही गुंडागर्दी से पूरे शहर का माहौल खराब होता है। उन्होंने छात्र नेताओं को मारपीट और हुड़दंग से दूर रहने की सलाह दी।
हिंसा फैलाने वालों की बन रही लिस्ट
एसएफआई छात्र नेता प्रभप्रीत ने एसएसपी के सामने कैंपस में आउटसाइडर और क्रिमिनल छात्र नेताओं की एंट्री पर बैन लगाने की बात कही। इस पर एसएसपी ने बताया कि पुलिस सभी आपराधिक रिकार्ड और छवि वाले छात्र नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है। ऐसे नेताओं की पीयू कैंपस में एंट्री बैन कर दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो चुनाव में उन्हें पुलिस निगरानी में भी रख सकती है।
वार्डन और पुलिस मिलकर पकड़ेगी आउटसाइडर
मीटिंग में कई छात्र नेताओं के सुझाव पर हॉस्टल वार्डन और पुलिस अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी तैयार करने पर फैसला हुआ। यह कमेटी कैंपस में आउटसाइडर को रोकने की प्लानिंग तैयार करेगी। पीयू हॉस्टल में पूरी कमेटी की मौजूदगी में ही चुनाव में रेड मारी जाएगी। कैंपस के हॉस्टल में आउटसाइडर की एंट्री बैन की जाएगी।
पोस्टर लगाए तो खैर नहीं
मीटिंग में एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने कॉलेज चुनाव के दौरान लगाए जाने वाले पोस्टरों पर सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कड़ा रुख दिखाते हुए सभी छात्र नेताओं से कहा कि पोस्टर से पीयू या शहर को गंदा करने वाले छात्र नेताओं पर पुलिस तुरंत मुकदमा दर्ज करेगी।
एक अक्टूबर को चुनाव की संभावना
छात्र संगठनों की बैठक में छात्र काउंसिल चुनाव की तिथि पर एसएसपी और वीसी ने पत्ते नहीं खोले, लेकिन पीयू प्रशासन की ओर से तैयार रणनीति के तहत ऑटम ब्रेक से पहले एक अक्तूबर को चुनाव कराए जा सकते हैं।
उधर, पीयू के सभी छात्र संगठन सितंबर पहले हफ्ते में चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल चार सितंबर को छात्र काउंसिल चुनाव की वोटिंग हुई थी।