वाउ मैं पास हो गई। मैंने इतने मार्क्स को एक्सपेक्ट ही नहीं किए थे। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया पंजाब यूनिवर्सिटी में सेक्टर-46 स्थित धनवंतरि आयुर्वेदिक कालेज की एक छात्रा की थी, जब उसे अपना बीएएमएस के दूसरे प्राफ का परिणाम पता चला।
पीयू में बुधवार को हंगामा करने वाले धनवंतरि आयुर्वेदिक कालेज के जिन विद्यार्थियों के चेहरों पर एक दिन पहले तक गुस्सा था और अगले दिन वीरवार को दोपहर में परिणाम घोषित के बाद मुस्कराहट थी।
छात्र एक दूसरे को बधाई देते रहे। पीयू के कुलपति की ओर से गठित उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में लिए गए फैसले के बाद दोपहर लगभग 12 बजे पीयू ने प्रोविजनल तौर पर परिणाम घोषित कर दिया।
पूर्व सांसद और सीनेट सदस्य सत्यपाल जैन की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में यह तय हुआ कि बीएएमएस के जिन विद्यार्थियों का परिणाम रोका गया है उसे प्रोविजनल तौर पर घोषित कर दिया जाए, क्योंकि इन विद्यार्थियों को दाखिला ही प्रोविजनल किया गया है।
इस कमेटी की बैठक के फैसले के बाद जैसे ही पीयू ने परिणाम घोषित किया छात्र खुशी से झूम उठे और उन्होंने अपना धरना खत्म कर दिया। रिजल्ट पहले से तैयार था इसलिए इसे घोषित करने में विलंब नहीं किया गया।
कालेज के छात्र बुधवार को धरने पर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर बैठे थे और रात भर वह वहीं रहे। यह विद्यार्थी बुधवार को जबरदस्ती प्रशासनिक ब्लाक में घुस गए थे और उन्होंने काफी हंगामा किया था।
इस वजह से वीरवार को प्रशासनिक ब्लॉक में कड़ी सुरक्षा थी। धरने पर बैठे कालेज के छात्रों को सुबह प्रशासनिक ब्लॉक से बाहर भेजा गया।
यह विद्यार्थी पांच महीने से परिणाम घोषित होने का इंतजार कर रहे थे। बीएएमएस के दूसरे प्राफ के करीब 37 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका गया था।
ध्यान रहे कि वर्ष 2010 बैच के इन विद्यार्थियों को जहां दाखिला प्रोविजनल दिया गया था, वहीं इनकी परीक्षा भी प्रोविजनल ही ली गई थी। इसकी जानकारी विद्यार्थियों को दाखिले के दौरान दे दी गई थी।
श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कालेज को 2010 के बाद से पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता नहीं मिली है। इसके बावजूद इस कालेज में दाखिला दिया जाता रहा। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
कोर्ट के आदेश पर पीयू प्रशासन विद्यार्थियों को प्रोविजनल तौर पर परीक्षा देने की अनुमति देता रहा, लेकिन आखिर में पीयू के अलावा आयुष और दो अन्य मेडिकल संस्थानों की इंस्पेक्शन टीम ने कालेज की रिपोर्ट को निगेटिव बताया।
ऐसे में आयुष की मंजूरी के बिना छात्रों के दाखिले को रेगुलर किया जाएगा। कालेज के विद्यार्थियों का साथ स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने दिया है।