पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) नॉन टीचिंग एसोसिएशन और अधिकारियों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को रजिस्ट्रार ने विरोध रैली निकालने वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक ब्लॉक के अंदर एंट्री नहीं करने दी। इस मामले को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक काम प्रभावित रहा। नॉन टीचिंग स्टॉफ ने प्रशासनिक बिल्डिंग के बाहर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वीसी के आश्वासन पर नॉन टीचिंग स्टॉफ ने धरना वापस ले लिया।
बुधवार को पीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने मांगों को लेकर सुबह 9 से 9.30 बजे तक वीसी दफ्तर के बाहर रैली की घोषणा की थी। नॉन टीचिंग प्रधान दीपक कौशिक की अगुवाई में सैंकड़ों कर्मचारियों ने विरोध रैली में हिस्सा लिया। रैली खत्म कर जब कर्मचारी प्रशासनिक बिल्डिंग में पहुंचे तो रजिस्ट्रार के आदेशों पर तीनों गेट बंद कर दिए गए।
इस फैसले के खिलाफ नॉन टीचिंग स्टॉफ ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 10.45 बजे फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिसर(एफडीओ) ने प्रशासनिक बिल्डिंग के गेट खुलवाए।
वीसी के आदेश के बाद दोपहर करीब 2 घंटे तक रजिस्ट्रार और नॉन टीचिंग पदाधिकारियों के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने पर मंथन चलता रहा। लेकिन मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका।
नॉन टीचिंग स्टॉफ एसोसिएशन प्रधान दीपक कौशिक ने कहा कि पहली बार पीयू अधिकारियों द्वारा स्टॉफ को दफ्तर में जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से दूर दराज से आए लोगों को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार के साथ हुई मीटिंग में कई मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आला अधिकारी भी वापस लौटे
पीयू प्रशासनिक बिल्डिंग के सभी तीन गेट बंद होने से कई आला अधिकारियों को भी दिक्कतें र्हुइं। जानकारी अनुसार पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिसर सहित अन्य अधिकारियों को भी प्रशासनिक बिल्डिंग में एंट्री नहीं मिल सकी। सभी अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।