बदले मौसम में सब्जियों के राजा आलू का उत्पादन 30 से 40 प्रतिशत तक घटा है। गतवर्ष एक बीघा खेत में 55 से 60 पैकेट तक आलू निकल रहा था। इस बार घटकर 30 से 35 तक ही रह गया। आलू के घटे उत्पादन के कारण किसानों के चेहरे पर शिकन है। कोल्ड संचालक भी परेशान हैं। कोल्डस्टोरेज को भरने के लिए वह किसानों से संपर्क साध रहे हैं। बाजार में भी आलू के भाव बढ़ गए हैं।
सब्जियों के राजा आलू ने किसानों व कोल्ड के संचालकों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में 65 हजार से भी अधिक हेक्टेयर में बोई गई आलू की फसल की खोदाई के साथ ही किसानों के चेहरों की रंगत बदलने लगी। उनकी उम्मीदें नाउम्मीदी में बदल गईं। कोई अपनी बेटी की शादी का सपना संजोए हुए था तो कोई मकान को नया लुक देने का लेकिन आलू की कम पैदावार ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। कई किसानों ने कोल्ड संचालकों से अधिक वारदाना मंगा लिया था लेकिन कम उत्पादन होने के कारण उन्हें वारदाना तक को वापस करना पड़ रहा है। वहीं जिले के डेढ़ सौ से अधिक कोल्ड स्टोरेज संचालकों को चिंता है कि उनका कोल्ड कैसे भरेगा। अभी तक कोल्डस्टोरेज भरने की उम्मीद लगाए बैठे संचालकों ने जब आलू नहीं आता देखा तो खुद ही किसानों के दर पर दस्तक देनी शुरू कर दी।
लागत निकलना मुश्किल
50 बीघा यहां एवं 30 बीघा शिकोहाबाद क्षेत्र में आलू की फसल की थी लेकिन इस बार तो आधा ही आलू निकल रहा है। मात्र 25 से 30 पैकेट प्रति बीघा निकला है।
प्रमोद कुमार ग्राम राजा का ताल
कई बीघा आलू की फसल की थी। काफी कम उत्पादन होने के कारण लागत मूल्य निकलना तक मुश्किल है। इस बार तो आलू बिनाई की मजदूरी भी 30 रुपये बढ़ गई है। रेट मिले तभी कुछ संभव है।
रमन कुमार शर्मा उसायनी
छह बीघा खेत में पिछले वर्ष 320 पैकेट आलू निकला था लेकिन इस बार मात्र 220 पैकेट। कम उत्पादन के कारण आलू की पल्लेदारी खुद करने को विवश हैं। यदि मजदूर बुलाएंगे तो कुछ नहीं बचेगा।
संदीप कुमार निवासी नागऊ
तीन सौ बीघा आलू की फसल की है। खराब हुए मौसम ने कहीं का नहीं छोड़ा। पिछले वर्ष 55 से 60 तक पैकेट निकले थे। इस बार 35 से 40 पैकेट प्रति बीघा ही निकल रहे हैं। आद्रता की कमी के कारण ऐसा हुआ।
अमरनाथ शर्मा उसायनी
आलू के कम उत्पादन के कारण इस बार लागत मूल्य तक निकलना मुश्किल है। क्योंकि आलू यदि पिछले वर्ष के ही अनुरूप उत्पादन होता और रेट सही मिलती तभी कुछ लाभ संभव था।
विजय कुमार शर्मा उसायनी
जिले में कोल्डस्टोरेज की संख्या- 151
आलू भंडारण की क्षमता- 14 लाख एमटी
जिले में बोया गया आलू- 65 हजार हेक्टेयर
गत वर्ष 17 लाख टन हुआ था आलू का उत्पादन।
पांच लाख टन आलू के कम उत्पादन की उम्मीद।
आलू की कम पैदावर होने की वजह
- अत्यधिक तापक्रम के कारण बेल बढ़ी, कंद रहा छोटा।
- दिसंबर माह में फूल आ जाने के कारण पड़ा प्रभाव।
- ब्लाइट आने के कारण भी आलू की पैदावार प्रभावित।
- पिछले आलू का भाव नहीं मिलने के कारण दोबारा की आलू की बुवाई।
आलू का उत्पादन काफी घटा है। पहले 30 प्रतिशत तक उत्पादन कम होने की उम्मीद थी लेकिन कई क्षेत्रों में 40 प्रतिशत तक उत्पादन कम हुआ है। इससे कोल्ड भरने की संभावना कम है।
बलजीत सिंह, जिला उद्यान अधिकारी फीरोजाबाद।