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जानिए, किस लक्ष्य को हासिल करने में जुटी है पीयू?

Tue, 24 Jun 2014 08:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टाइम्स हायर एजूकेशन ने हाल ही में एशियन टॉप यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2014 में पंजाब यूनिवर्सिटी को एशिया की यूनिवर्सिटी में 32वां और देश में पहला रैंक दिया है। पीयू लगातार दूसरे साल देश की टॉप यूनिविर्सिटी बनी है।
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पीयू प्रशासन ने अब खुद को टॉप 5 एशियन और दुनिया की पहली 200 यूनिवर्सिटी में शामिल करने के लिए विजन-2020 तैयार किया है।

सूत्रों के अनुसार सभी विभागाध्यक्षों को अब अगले पांच साल का रोडमैप तैयार कर अपनी भावी योजनाओं और उन्हें अमलीजामा पहनाने का फार्मूला पेश करना होगा।

गर्मी की छुट्टियों के बाद पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर प्रत्येक विभागाध्यक्ष के साथ मीटिंग कर विजन-2020 पर विस्तार से मंथन करेंगे।

टाइम्स हायर एजुकेशन की एशियाई यूनिवर्सिटी रैंक लिस्ट

संस्थान----------------- 2014 में---------2013 में रैंक
पंजाब यूनिवर्सिटी-----------32------------शामिल नहीं    
आईआईटी खड़गपुर---------45---------------30    
आईआईटी कानपुर----------55--------------शामिल नही    
आईआईटी दिल्ली-----------59-------------शामिल नहीं    
आईआईटी रुड़की-----------59-----------------56    


ये रहा पीयू का स्कोर
इंडिकेटर-------------2014-15-----2013-14-----पर्सेंटेज
साइटेशन----------------84.2---------85----------30
इंटरनेशनल आउटलुक-----29.3---------29----------7.5
इंडस्ट्री इनकम------------28.4---------28----------2.5
टीचिंग-------------------25.8---------26----------30
रिसर्च---------------------14----------14---------30    
ओवर ऑल स्कोर--------40.2--------------------100

पीयू ने इन क्षेत्रों में मारी बाजी

1. वर्ल्ड आउटलुक- एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पीयू को वर्ल्ड आउटलुक कैटेगरी में काफी सराहा गया है। रैंकिंग के लिए बनाए गए क्राइटेरिया में पीयू को काफी अच्छे अंक मिले हैं।

2. टीचिंग स्टैंडर्ड बेहतर - टीचिंग स्टैंडर्ड काफी बेहतर है। अनुभवी शिक्षकों द्वारा काफी बेहतर तरीके से नॉलेज डिलीवर की जा रही है। पीयू के शिक्षकों के रिसर्च पेपर इंटरनेशनल स्तर पर प्रकाशित हो रहे हैं। हर साल काफी शिक्षक इंटरनेशनल सेमिनार में पीयू का प्रतिनिधित्व करते हैं।

3. पेटेंट में आगे- साइंस विभागों के प्रोफेसर के नाम कई पेटेंट हैं। फार्मास्यूटिकल विभाग से ही करीब 25 पेटेंट हैं। बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स जैसे विभागों से भी कई पेटेंट हैं।

4.रिसर्च क्वालिटी- यहां की रिसर्च क्वालिटी काफी बेहतर हैं। पीयू की पब्लिकेशन देश में सबसे अच्छी है। इंडस्ट्री भी पीयू में हो रही रिसर्च को लेकर गंभीर है। पीयू को इंडस्ट्री से कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं।

5.विदेशी यूनिवर्सिटी से टाइअप- पीयू ने इंटरनेशनल स्तर पर एक्सपोजर पाने के लिए पिछले दो सालों में अमेरिका सहित कई विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया है। इसके तहत एजुकेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू किए हैं। नए प्रयोग से पीयू को इंटरनेशनल लेवल पर बेहतर एक्सपोजर मिल पाएगा। एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भी पीयू को विश्व स्तर पर एक्सपोजर में काफी पीछे बताया गया है।

पीयू को इन क्षेत्रों में करना होगा सुधार

1. स्टाफ की कमी -पंजाब यूनिवर्सिटी के 75 विभागों में करीब 14 हजार स्टूडेंट हर साल पढ़ाई करते हैं। यहां टीचिंग स्टाफ के 500 से अधिक पद खाली पड़े हैं। गेस्ट और कांट्रैक्ट फैकल्टी से काम चलाया जा रहा है। पेंशन स्कीम लागू नहीं होने से एसोसिएट और प्रोफेसर पद पर अनुभवी लोग आने को तैयार नहीं हैं।

2.इंफ्रास्ट्रक्चर - पीयू के चंद साइंस विभागों को छोड़ दें तो पीयू कैंपस में इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है। स्मार्ट क्लास रूम का प्रोजेक्ट अभी अधर में लटका है।

3. फंड की कमी- शिक्षकों का कहना है कि रिसर्च के लिए जरूरी फंड नहीं मिल पाता। पीयू को अभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा भी नहीं मिला और पीयू बजट अभी केंद्र बजट में शामिल नहीं हो पाया है।

4. रिटायरमेंट पर विवाद- देश की सेंट्रल और कई स्टेट यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर की रिटायरमेंट उम्र 60 से 65 कर दी हैं, लेकिन पीयू में यह 60 साल ही है। ऐसे में प्रतिभाशाली युवा और अनुभवी लोग दूसरी यूनिवर्सिटी में नौकरी को तवज्जो देते हैं।

5. सीनेट और सिंडीकेट का दखल- पीयू की कार्यप्रणाली को चलाने में सिंडीकेट और सीनेट की काफी बड़े स्तर पर दखलअंदाजी होती है। इससे पीयू के हित में फैसले लेने में काफी समय लग जाता है। सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनने पर इसमें सुधार हो सकता है।

6. इंटरनेशनल सुविधाएं नहीं -पीयू में विदेशी स्टूडेंट्स के लिए अभी इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएं नहीं है। हर साल पीयू कैंपस में विदेशों से 100 से अधिक  स्टूडेंट दाखिला लेते हैं। अब पीयू ने साउथ कैंपस में विदेशी स्टूडेंट्स के लिए इंटरनेशनल हॉस्टल का निर्माण शुरू किया है। अगले सत्र तक इसकी शुरुआत होने से अधिक विदेशी स्टूडेंट पीयू में आएंगे।

पीयू ने देश को दिए राष्ट्रपति और प्रधामंत्री

पीयू से डिग्री हासिल करने वालों में देश के प्रधानमंत्री से लेकर कई नामी हास्तियां शामिल हैं। पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह,पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज,नोबल पुरस्कार विजेता डा.हरगोबिंद सिंह खुराना,जाने माने साइंटिस्ट यशपाल, चंडीगढ़ की सांसद और अभिनेत्री किरण खेर, गजल गायक स्वर्गीय जगजीत सिंह और पहली आईपीएस अधिकारी किरण बेदी कुछ नाम हैं।

पीयू शिक्षाविद के कमेंट्स
पीयू का टॉप रैंकिंग में आना सभी के लिए उत्साह की बात है। लेकिन अभी मंजिल काफी दूर है। एशिया की टॉप और दुनिया की टॉप 200 यूनिवर्सिटी का टारगेट हासिल करने के लिए नई योजना के साथ काम करना होगा। हमें अपनी एकेडमिक या इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों को ताकत में बदलना होगा।
-प्रो.ओपी कटारे, मेडिकल साइंटिस्ट और यूआईपीएस में प्रोफेसर

एशिया रैंकिंग में 32वां और देश में पीयू को पहला स्थान मिलने की खबर से मैं काफी खुश हूं। लेकिन हमारा टारगेट अब एशिया की नंबर वन रैंकिंग पाना है। पीयू के डिसीजन मेकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्जामिनेशन सिस्टम जैसे क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
- प्रोफेसर एमिरेट्स आरपी भांबा, पीयू के पूर्व कुलपति और सीनेट सदस्य

रैंकिंग को चैलेंज की तरह स्वीकार करना होगा। मौजूदा सिस्टम को ओर बेहतर बनाने की जरूरत है। रैंकिंग के स्टेटस को बनाए रखना आसान नहीं होता। उम्मीद है कि भविष्य में पीयू को ओर बेहतर रैंक मिलेगा।
प्रो. ललित कुमार बंसल, डीन रिसर्च पंजाब यूनिवर्सिटी, चेयरमैन यूसोल
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ये कहना है पीयू वीसी और शिक्षकों का

टॉप रैंकिंग में पीयू के हर शिक्षक, नॉन टीचिंग और स्टूडेंट्स का योगदान रहा है। हमें रैंकिंग को ओर बेहतर बनाने के लिए नई ऊर्जा के साथ चैलेंज को स्वीकार करना होगा।
प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, कुलपति पंजाब यूनिवर्सिटी

पीयू की बेहतर रैकिंग में शिक्षकों के योगदान की अनदेखी नहीं की जा सकती। पीयू के पास बेहतरीन शिक्षक हैं।
डॉ. देवेंद्र सिंह, पूटा प्रेसिडेंट

देश की टॉप यूनिवर्सिटी बनना पीयू से डिग्री कर रहे स्टूडेंट्स के लिए गौरव की बात है। बेहतर रैंकिंग से प्लेसमेंट में भी काफी मदद मिलती है।
चंदन राणा, पूर्व प्रेसिडेंट पीयू स्टूडेंट काउंसिल
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