देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी का खिताब पाने वाली पीयू में विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग नियम हैं। एक तरफ पीयू विदेशी कोर्स और लैंग्वेज को प्रमोट करने में जुटी है।
वहीं विद्यार्थियों को एडिशनल पेपर देने के मामले में भेदभाव किया जा रहा है। इस मामले को लेकर विद्यार्थियों में रोष है।
पंजाब यूनिवर्सिटी ने दो साल पहले देश की किसी भी अन्य यूनिवर्सिटी से बीए (ग्रेजुएशन) करने वाले विद्यार्थियों के लिए पंजाबी इलेक्टिव विषय का एडिशनल पेपर देने की अनुमति दी थी, लेकिन इस मामले में हिंदी और अंग्रेजी से इलेक्टिव विषय में एडिशनल पेपर देने के इच्छुक अभ्यर्थियों को यह सुविधा नहीं दी जा रही।
हिंदी और अंग्रेजी के इलेक्टिव विषय में एडिशनल पेपर देने की जानकारी के लिए पीयू की एग्जामिनेशन ब्रांच और इंक्वायरी पर हर रोज काफी विद्यार्थी आते हैं।
हाल ही में सेक्टर-10 डीएवी स्कूल में पीजीटी पोस्ट के लिए आवेदन करने पहुंची वंदना ग्रेजुएशन में अंग्रेजी इलेक्टिव नहीं होने के कारण आवेदन नहीं कर सकीं।
उन्होंने जब अंग्रेजी इलेक्टिव विषय की एडिशनल परीक्षा देने के लिए पीयू में संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि सिर्फ पंजाबी विषय वालों को ही पीयू यह सुविधा देता है। वंदना ने कहा कि वह इस मामले में पीयू प्रशासन को पत्र लिखेंगी।
क्यों देना चाहते हैं इलेक्टिव विषय का एडिशनल पेपर ?
विभिन्न सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में अब बीएड और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (पीजीटी) स्तर पर शिक्षकों के लिए निकलने वाले पदों के लिए योग्यता में बदलाव किया गया है।
हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी लैंग्वेज विषय में शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थियों के पास ग्रेजुएशन में संबंधित विषय इलेक्टिव होना जरूरी है।
हरियाणा, हिमाचल और पंजाब की कई यूनिवर्सिटी में इलेक्टिव विषय की सुविधा नहीं है। ऐसे में दूसरे राज्यों से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी पीयू से संबंधित लैंग्वेज विषय में एडिशनल पेपर देना चाहते हैं।
इस संबंध में अभी तक मेरे पास कोई आवेदन नहीं आया है। अगर पंजाबी लैंग्वेज में यह सुविधा है तो अन्य में भी दी जा सकती है। पहले इस मामले को सिंडीकेट या अन्य संबंधित कमेटी के सामने लाना होगा। पीयू विद्यार्थियों को अधिक से अधिक ऑप्शन देना चाहता है।
- डॉ. परविंदर सिंह, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पीयू।
पीयू प्रशासन को पंजाबी के साथ अंग्रेजी और हिंदी विषय में भी इलेक्टिव विषय का एडिशनल पेपर लेना चाहिए। स्टूडेंट काउंसिल मामले को पीयू कुलपति और कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन के पास उठाएगी।
चंदन राणा (प्रेसिडेंट पीयू स्टूडेंट काउंसिल)