पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) ने शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 किए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।
अब प्रस्ताव तैयार कर पीयू प्रशासन के पास भेजा जाएगा। प्रशासन इसे मंजूरी लेने के लिए केंद्र सरकार के लिए भेजेगा। बैठक में 11 अप्रैल 2014 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए 30 अप्रैल 2014 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों की सर्विस जारी रखने की मांग भी पीयू के पास भेजी जाएगी।
पूरे मामले में पूटा ने फिलहाल कोर्ट में नहीं जाने का फैसला लिया है। इस फैसले से रिटायरमेंट का मामला अब पीयू प्रशासन और केंद्र सरकार के पाले में चला गया है।
पीयू फिजिक्स विभाग के ऑडीटोरियम में वीरवार को पूटा जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) हुई। पूटा प्रधान देवेंद्र सिंह और सेक्रेटरी जयंती दत्ता की देखरेख में पूटा बैठक में करीब 80 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
करीब एक घंटे के मंथन के बाद पूटा ने रिटायरमेंट उम्र के इस प्रस्ताव को पास कर दिया। पूटा प्रधान देवेंद्र सिंह ने अभी तक पूटा द्वारा इस पूरे मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की।
रिटायरमेंट मामले को लेकर पूर्व पूटा प्रधान प्रो. मोहम्मद खालिद, प्रो. टंकेश्वर, प्रो. केशल मल्होत्रा आदि नेे भी अपने विचार रखे।
इन प्रस्तावों पर भी फैसला
- प्रोफेशनल कोर्स से अब 3 की जगह 4 मेंबर चुने जाएंगे।
-लाइब्रेरी संकाय से कैंडीडेट ग्रुप-1 और प्रोग्रामर ग्रुप 3 से चुनाव लड़ सकते हैं।
-पीयू के रीजनल सेंटर के शिक्षकों को वोटिंग राइट मामले पर फैसला नहीं हो सका।
पूटा चुनाव में नोटा को किया खारिज
लोकसभा चुनाव की तर्ज पर आगामी पूटा चुनाव में भी नन ऑफ द अब्व (नोटा) लागू करने का प्रस्ताव फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर सीएन कुमार ने रखा। इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पूटा प्रधान डा.देवेंद्र सिंह ने कहा कि नोटा लागू करना शिक्षक कम्युनिटी के लिए सही नहीं रहेगा।