पंजाब यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी को लेकर पिछले दिनों हुए विवाद का मामला अब पीयू सिंडीकेट में आएगा। 5 दिसंबर को सिंडीकेट बैठक तय कर दी गई है। इसमें विद्यार्थियों की फीस बढ़ाने पर मंथन होगा।
इस मामले में पीयू छात्र संगठनों ने कई दिन तक पीयू कैंपस में जमकर हंगामा किया था। आखिर में पीयू प्रशासन को अपना फैसला वापस लेने पड़ा और मामले को डीयूआई की अध्यक्षता में गठित कमेटी के पास भेज दिया गया।
दो बार फीस कमेटी की बैठक हो चुकी है। फंड की कमी की दुहाई देते हुए पीयू प्रशासन फीस में 10 से 15 फीसदी तक इजाफा करना चाहता है। पिछले 6 साल से पंजाब यूनिवर्सिटी के विभागों की फीस नहीं बढ़ी है।
नवंबर में सेमेस्टर एग्जाम से पहले पीयू प्रशासन ने अलग-अलग विभागों में फीस में इजाफा कर दिया था। कई प्रोफेशनल कोर्स में तो 20 हजार तक इजाफा कर दिया गया।
पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर, डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल और अन्य अधिकारियों के बीच अहम बैठक हुई। फीस मामले को अप्रूवल के लिए सिंडीकेट और फिर 9 दिसंबर को होने वाली सीनेट में लाया जाएगा।
रजिस्ट्रार को मिल सकती है डीयूआई की जगह
पीयू प्रशासन के लिए फीस में बढ़ोतरी करना कड़ी परीक्षा होगी। सिंडीकेट में 30 नवंबर को रिटायर हो रही डीयूआई प्रो. मधु राका की जगह सीनियर मोस्ट प्रोफेसर को चार्ज देने का प्रस्ताव भी आ सकता है।
मौजूदा रजिस्ट्रार प्रो. एके भंडारी सबसे सीनियर प्रोफेसर हैं। भंडारी को दोनों चार्ज दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। पीयू के कई अन्य प्रोफेसर रजिस्ट्रार पद खाली होने की ताक में बैठे हैं।
स्टूडेंट काउंसिल प्रधान को मिल सकती है सीनेट में जगह
पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान को सीनेट की सदस्यता दिए जाने का प्रस्ताव भी सिंडीकेट बैठक में आ सकता है। पीयू के हॉस्टल नंबर 3 में रहने वाले और लॉ विभाग के ब्लाइंड स्टूडेंट बिल्लू की फीस मामला भी सिंडीकेट में आने की संभावना है। 9 और 10 दिसंबर को नई सिंडीकेट के चुनाव को देखते हुए 5 दिसंबर सिंडीकेट को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।