पंजाब यूनिवर्सिटी की रविवार को हुई हंगामेदार बैठक में सीनेट ने सिंडीकेट के तीन बड़े फैसलों को बदल दिया।
करीब 8.30 घंटे तक चली पीयू सीनेट में करीब 40 प्रस्तावों पर बहस हुई। बैठक में चतरथ गुट और गोयल गुट के बीच जमकर शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला।
लेकिन बदले हुए समीकरणों के कारण गोयल गुट द्वारा पिछले दो सिंडीकेट में लिए गए तीन अहम फैसलों को पीयू सीनेट ने सर्व सम्मति से बदल दिया। इस संबंध में अमर उजाला ने पाठकों को पहले ही बता दिया था।
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केस नंबर एक
वीसी की पत्नी को मिलेगी एक्टेंशन
मौजूदा गोयल गुट ने 8 अक्तूबर को हुई सिंडीकेट बैठक में पीयू कुलपति की पत्नी और संगीत विभाग में एक साल के लिए नियुक्त प्रो.नीरा ग्रोवर को एक्टेंशन नहीं देने का फैसला लिया।
रविवार को हुई सीनेट बैठक में भी इस प्रस्ताव को लेकर लंबी बहस हुई। प्रो.आरपी बांभा की अध्यतक्षा में चली सीनेट बैठक में अधिकतर सदस्यों ने प्रो.नीरा ग्रोवर के मामले में सहानुभूति दिखाते हुए सिंडीकेट द्वारा पूर्व में लिए गए फैसले को पलटने का समर्थन किया। आखिर में मामले को फिर से सिंडीकेट को रेफर कर दिया गया।
केस नंबर-2
सिंडीकेट में जाएगा नियुक्तियों का मामला
पीयू के लोक प्रशासन विभाग और यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग(यूसोल) में असिस्टेंट प्रोफेसर के चार पदों पर इंटरव्यू कमेटी द्वारा चुने गए सदस्यों की ज्वाइनिंग को सिंडीकेट ने मंजूरी नहीं दी।
मामले को दो बार सिंडीकेट में लाया गया। फिर रविवार को इस मामले को सीनेट में उठाया गया। गोयल गुट ने मामले को लेकर विरोध जताया लेकिन चतरथ और डीएवी गुट ने नियुक्तियों का समर्थन कर कैंडीडेट को ज्वाइन कराने पर सहमति दी।
सीनेट ने इस प्रस्ताव को भी फिर से फैसले के लिए सिंडीकेट के भेजने को मंजूरी दे दी।
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केस नंबर -3
डेंटल में दोबारा निकाली जाएंगी पोस्ट
पीयू के सेक्टर-25 स्थित डेंटल इंस्टीट्यूट में दो शिक्षकों को कांट्रेक्ट और एडहॉक से रेगुलर किए जाने पर सिंडीकेट ने मुहर लगाई थी। रविवार को हुई सीनेट बैठक में सिंडीकेट के इस फैसले को भी खारिज कर दिया।
डेंटल इंस्टीट्यूट में कांट्रेक्ट पर नियुक्ति एनेस्थीसिया के एसोसिएट प्रोफेसर डा.पुनीत कपूर और आर्थोडांटिक्स के प्रोफेसर डा.दीपक कुमार गुप्ता को रेगुलर किए जाने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया।
इस मामले में दोनों पदों के लिए 6 महीने के भीतर दोबारा विज्ञापन और भरती करने का फैसला लिया गया।
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