उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए दोहरी खुशखबरी है। भविष्य में प्रिंसिपलों के 700 रिक्त पदों पर प्रमोशन पाने वाले हेड मास्टर प्रमोशन के मानकों में छूट के साथ ही काउंसिलिंग के जरिये स्कूल पा सकेंगे। वहीं, दुर्गम की सेवा पूरी कर चुके प्रधानाध्यापक प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति के साथ सुगम स्कूलों में तैनाती पा सकेंगे।
प्रदेश के अधिकतर राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रिंसिपलों के पद रिक्त हैं। लगभग 1200 इंटर कॉलेजों में मात्र 500 प्रिंसिपल कार्यरत हैं। इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन पाने वाले हेड मास्टरों के अच्छे दिन अब कुछ महीने ही दूर हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जहां प्रिंसिपल के पदों पर प्रमोशन के लिए हेड मास्टर के पद पर कम से कम पांच साल की सेवा के सेवाकाल में 50 फीसदी की छूट के लिए नियमावली संशोधित होने जा रही है, वहीं अब दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में अधिक सेवा कर चुके हेड मास्टर पदोन्नति पाकर सुगम स्कूलों में आ सकेंगे।
गंभीर बीमारी से पीड़ित हेड मास्टर और रिटायर होने जा रहे प्रिंसिपलों को भी सुगम क्षेत्र के विद्यालयों में लाया जाएगा। खास बात यह है कि सुगम में जमे हेड मास्टर भी प्रमोशन पर काउंसिलिंग के जरिये स्कूल का विकल्प देकर तैनाती पा सकेंगे। शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन ने कहा कि काउंसिलिंग वरिष्ठता सूची के आधार पर की जाएगी।
प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति की नियमावली संशोधित हो रही है। हेड मास्टर के पद पर प्रमोशन के लिए पांच वर्ष की अनिवार्यता को घटाकर दो वर्ष किया जाए, रही बात दुर्गम की सेवा कर चुके हेड मास्टरों की प्रमोशन के साथ सुगम क्षेत्र में तैनाती की तो यह छात्र और विद्यालय हित में उठाया गया कदम है।
- एसएस बिष्ट, अध्यक्ष प्रिंसिपल एसोसिएशन उत्तराखंड