हरियाणा में नियम 134ए के तहत स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिलों को लेकर शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने दाखिलों की प्रक्रिया को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। जिन बच्चों ने दाखिलों के लिए लर्निंग लेवल असेसमेंट का टेस्ट दिया है, शिक्षा विभाग उनका परीक्षा परिणाम सार्वजनिक नहीं करेगा। अलबत्ता बुधवार तक जिन बच्चों का दाखिला होना है विभाग की वेबसाइट पर उनकी सूची डाल दी जाएगी।
हरियाणा के निजी स्कूलों में नियम 134 ए के तहत दस फीसदी गरीब बच्चों का दाखिला होना है। लिहाजा बच्चों की प्रतिभा के आंकलन के लिए विभाग ने 11 मई को लर्निंग लेवल असेसमेंट परीक्षा ली थी। 26 मई को भिवानी बोर्ड ने परीक्षा का परिणाम भेज दिया था, लेकिन विभाग इस मामले में चुप्पी साधे था।
फिलहाल विभाग ने यह तय किया है कि बच्चों का दाखिला मेरिट के आधार पर किया जाएगा, लेकिन परीक्षा परिणाम सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। जिन बच्चों का दाखिला होना है। उनके नाम और रोल नंबर विभाग की वेबसाइट पर डाल दिए जाएंगे।
ऐसे में संभावना यह है कि पचास फीसदी बच्चों को दाखिला आसानी से मिल जाए। जिन स्कूलों में दाखिलों के लिए आवेदन अधिक होंगे, वहां विभाग के लिए परेशानी होगी। सीटें कम होने के मामले में मेरिट के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी। यदि दो बच्चों का मेरिट में समान स्थान है तो वरीयता लड़कियों को दी जाएगी। यदि आवेदक दोनों लड़के या दोनों लड़कियां होंगी तो प्राथमिकता अधिक उम्र वाले को दी जाएगी।
अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन हम मेरिट के आधार पर दाखिला करेंगे। अंतिम समय तक यदि किसी बदलाव की आवश्यकता हुई तो वह किए जाएंगे। उम्मीद है बुधवार तक विभाग की वेबसाइट पर सूची डाल दी जाएगी।
- डी सुरेश, निदेशक , प्राथमिक शिक्षा, हरियाणा