आईटी सेक्टर में घटती डिप्लोमाधारकों की मांग को देखते हुए प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में करीब 10 ऐसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है, जिनकी पढ़ाई करने वालों की मांग में इजाफा हो रहा है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्य करने वाले कानपुर स्थित शोध विकास प्रशिक्षण संस्थान ने नए पाठ्यक्रमों का खाका तैयार किया है। इसे शासन स्तर से औपचारिक तौर पर हरी झंडी मिल चुकी है। इसी प्रकार 8 पाठ्यक्रमों को अनुपयोगी मानते हुए हटाने का प्रस्ताव है।
सूत्रों का कहना है कि आईटी से जुड़े सेक्टर में डिप्लोमा करने वाले छात्रों की अब पहले जैसी मांग नहीं रही। इसे देखते हुए ही सरकार ने पॉलीटेक्निक कॉलेजों में आईटी से जुड़े कुछ पाठ्यक्रमों को अनुपयोगी मानते हुए हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने को कहा था, जिसका स्कोप बढ़ा हो।
इसे देखते हुए शोध विकास प्रशिक्षण संस्थान ने नए पाठ्यक्रम शुरू करने का खाका तैयार किया है। संस्थान के निदेशक कफील अहमद ने बताया कि फिलहाल प्रस्ताव शासन के पास जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद यह सार्वजनिक होगा।
हालांकि प्रमुख सचिव प्राविधिक मुकुल सिंघल ने बताया कि इस संबंध में हाल में हुई बैठक में पाठ्यक्रमों में बदलाव पर चर्चा हुई थी। जल्द इस पर अमल होगा। कानपुर में तैनात प्राविधिक शिक्षा विभाग के निदेशक ओपी वर्मा ने बताया कि आईटी सेक्टर से संबंधित करीब 8 पाठ्यक्रमों को हटाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार करीब 10 नए पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है।