देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों में बदलाव किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से हाल ही में सभी विवि और कालेजों को सुरक्षा की गाइड लाइंस जारी की गई है। इसके तहत विवि और कालेजों को गेट पर सिक्योरिटी के इंतजाम करने होंगे। साथ ही परिसर में विवि पुलिस स्टेशन स्थापित करना होगा।
यूजीसी की ओर से जारी गाइड लाइंस के मुताबिक प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में जहां भी छात्रावास हों, वहां बाउंड्री वाल अनिवार्य होगी। दीवार के ऊपर तारों की फेंसिंग करानी होगी। संस्थान के गेट पर कम से कम तीन सिक्योरिटी गार्ड तैनात होने चाहिए।
पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों से लैस होना चाहिए। छात्रों का अनुशासन बनाने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था होनी चाहिए। छात्राओं की चेकिंग के लिए कम से कम एक महिला सिक्योरिटी गार्ड संस्थान में अनिवार्य तौर पर होनी चाहिए। संभव हो तो हर आने वाले छात्र और विजिटर के साथ आने वाले सामान या बैग को मेटल डिटेक्टर या मैन्यूअली चेक किया जाए।
यूजीसी के मुताबिक हर संस्थान परिसर में पुलिस स्टेशन होना चाहिए। हर उच्च शिक्षा संस्थान को क्वार्टरली पैरेट्स टीचर मीटिंग का आयोजन करना होगा। छात्राओं को विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की सहायता से सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग अनिवार्य करनी होगी।
दून विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन के मुताबिक यूजीसी ने यह भी साफ किया है कि संस्थान परिसर में अगर छात्रावास है तो रात्रि में यहां पुलिस की तैनाती की जाए।