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एडुकार्ट के रेफरल प्रोग्राम के साथ पढ़ो-पढ़ाओ

Fri, 25 Sep 2015 12:31 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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भारत के प्रतिष्ठित शैक्षिक पोर्टल एडुकार्ट ने छात्रों को अधिक सक्षम बनाने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए अपना रेफरल प्रोग्राम शुरू किया है। ‘पढ़ो’ और ‘पढ़ाओ’ के मकसद के साथ एडुकार्ट रेफरल कोड के इस्तेमाल के जरिए कोर्स के लिए नामांकन करने पर हर बार उम्मीदवार को कोर्स फीस पर कैशबैक दे रहा है।
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प्रख्यात क्रिकेटर, कंपनी के ब्रांड एम्बेसडर और निवेशक युवराज सिंह भी इस पहल को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना मौजूदा प्रतिस्पर्धी दुनिया में बेहद जरूरी है। एडुकार्ट का रेफरल प्रोग्राम दूसरों को शिक्षा के चयन में मदद प्रदान करने का एक आकर्षक तरीका है।

जब आपका कोई दोस्त एडुकार्ट के जरिये पाठ्यक्रम के लिए नामांकन करेगा तो आपको कैश बैक का फायदा मिलेगा। यह बेहद लाभदायक अवसर है। इसलिए आगे आएं और हरेक की शिक्षा के लिए मददगार बनें।’ उन्होंने पिछले महीने इच्छुक छात्रों को ट्विटर पर अपने कोड वाईयूवीआई6666 का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया।
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लगभग 90 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रदाताओं द्वारा 2000 से अधिक डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, एंट्रेंस कोचिंग और स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रमों के साथ एडुकार्ट ने शिक्षा के जनतंत्रीकरण की दिशा में हमेशा काम किया है।

इस पहल के जरिये कंपनी न सिर्फ इच्छुक छात्रों की मदद कर उन्हें अपने पसंदीदा पाठ्यक्रमों के चयन के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है बल्कि उनके चहेतों के लिए भी विश्वसनीय शैक्षिक निर्णयों के संदर्भ में उन्हें प्रोत्साहित करना चाहती है।

एडुकार्ट का रेफरल प्रोग्राम शिक्षा को बढ़ावा देने और बड़ी तादाद में छात्रों तक पहुंच बनाने के लिए कंपनी द्वारा शुरू की गई एक बेहद महत्वाकांक्षी पहल है। कई छात्र रेफरल प्रोग्राम का लाभ उठा चुके हैं।

एडुकार्ट के रेफरल प्रोग्राम के जरिये जीमैट के लिए एक प्रीपरेटरी कोर्स के लिए हाल में नामांकन कराने वाले अंकित वर्मा ने कहा, 'मैं लंबे समय से डिस्टैंस जीमैट प्रीपरेटरी कोर्स के लिए नामांकन की सोच रहा था और जब एडुकार्ट के साथ एक कोर्स के लिए नामांकन करा चुके मेरे एक दोस्त ने अपना रेफरल कोर्ड मुझे शेयर किया।'

वह आगे बताते हैं कि 'दोस्त के कहने के बाद मैंने समय नहीं गंवाया और प्रख्यात कोचिंग संस्थान द्वारा पेश किए जाने वाले कोर्स के लिए नामांकन कराया। वित्तीय समस्याएं अक्सर ऐसे निर्णयों में विलंब की वजह बनती हैं। एडुकार्ट ने मेरी मदद की और अब मैं अपने अन्य दोस्तों से भी ऐसा करने को कह रहा हूं।'
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