कॉलेजों में यूजी डिग्री कोर्स में रूसा सीबीसीएस के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे तीन बैच के करीब एक लाख से अधिक छात्रों को ऑनलाइन फीस जमा करवाने की सुविधा नहीं मिल पाई है। प्रदेश भर के छात्रों को चालान कटने के बाद मीलों का सफर कर फीस जमा करवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। प्रवेश, परीक्षा फार्म के साथ फीस जमा करवाने के लिए कई दिन बैंक शाखाओं में कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
इससे उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारियों का समय बर्बाद हो रहा है। विवि प्रशासन ने ई कलेक्ट सुविधा जल्द शुरू करने का दावा किया था। इसके तहत स्टेट बैंक के अलावा अन्य करीब 32 बैंकों में भी फीस जमा करवाने और उनके खातों से नेट बैंकिंग, ऑनलाइन बैंकिंग से फीस जमा करवाने की सुविधा दी जानी थी। अभी भी फीस सिर्फ एसबीआई बैंक की ब्रांच में ही जमा होती है।
सीबीसीएस शुरू हुए दो साल हो गए हैं, मगर अभी भी छात्रों को फीस जमा करवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। ऑनलाइन फार्म भरने के बाद जेनरेट होने वाले चालान को बैंक ले जाकर पैसा जमा करवाना पड़ता है। उसके बाद उसका नंबर ऑनलाइन एंटर करने के बाद प्रवेश और परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी होती है। पूरे सिस्टम को ऑनलाइन और छात्रों को हर सुविधा घर-द्वार देने के विवि प्रशासन के दावे अब तक खोखले ही साबित हुए हैं।
एसबीआई के साथ 32 अन्य बैंकों में इंटरनेट, ऑनलाइन और शाखाओं में फीस जमा करवाने की सुविधा को विवि ने आई कलेक्ट अकाउंट खोला है, मगर कंप्यूटर विंग और परीक्षा शाखा अभी इसमें शामिल कोर्सों की सूची नहीं दे पाए हैं। रूसा के तहत चल रहे कोर्स को अलग से आई कलेक्ट अकाउंट खोला जा रहा है। आई कलेक्ट एसबीआई को ऑनलाइन फीस जमा करवाने की सर्विस है।
इसे विवि मुफ्त में एसबीआई से लेने पर बात कर रहा है, क्योंकि विवि की करोड़ों की ट्रांजेक्शन इसी बैंक से होती है। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल सहित वित्त अधिकारी दीवाकर कमल ने कहा कि रूसा का नया सत्र शुरू होने तक यह प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। सुविधा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे है।