देहरादून के अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों ने बायोमेट्रिक सिस्टम और दोहरी उपस्थिति व्यवस्था का विरोध कर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
मांग पर अमल न होने तक कार्य बहिष्कार पर शिक्षक
शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के सभी 13 अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षक मांग पर अमल न होने तक कार्य बहिष्कार पर रहेंगे।
महाविद्यालय शिक्षक महासंघ फुक्टा और ग्रूटा के आह्वान पर डीएवी, डीबीएस और एसजीआरआर महाविद्यालयों के शिक्षकों ने बुधवार को अपने कॉलेजों में प्रदर्शन कर धरना दिया।
शिक्षकों ने कहा कि शासन ने 11 जून को जारी आदेश में बायोमेट्रिक सिस्टम या फिर हस्ताक्षर से उपस्थिति दर्ज कराने की बात कही है। लेकिन प्राचार्य मनमाना रवैया अपनाकर बायोमेट्रिक सिस्टम लागू कर रहे हैं।
मांगों की अनदेखी से गुस्साए
आरोप लगाया कि दूसरी ओर शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा, एलटीसी की सुविधा, राजपत्रित अधिकारी पदनाम सहित अन्य मांगों की अनदेखी की जा रही है।
डीएवी कॉलेज में प्रदर्शन करने वालों में डॉ. एसपी मित्तल, डॉ. अतुल सिंह, डॉ. देवेंद्र त्यागी, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. सत्यव्रत त्यागी, डॉ. राखी उपाध्याय, डॉ. पुष्पेंद्र आदि शामिल रहे।
प्रमुख सचिव से मुलाकात
महाविद्यालयी शिक्षक मांगों पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा मनीषा पंवार से मिले, लेकिन मांगों पर कोई सहमति नहीं बन सकी।
ग्रूटा शिक्षक महासंघ के महामंत्री देवेंद्र त्यागी ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों की तरह अशासकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
प्रमुख मांगें
- प्रतिनियुक्ति की सुविधा
- उपार्जित अवकाश की सुविधा
- पृथक निदेशालय की स्थापना और उसमें प्रोन्नति के पद
- बायोमेट्रिक सिस्टम की जगह पंजिका का विकल्प
- महाविद्यालय में दस सप्ताह का अवकाश
- असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए सप्ताह में 16 और एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 14 घंटों का शिक्षण कार्य
- महाविद्यालयों की सभी समितियों में शिक्षकों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए
- विवि की भांति महाविद्यालयों में भी महत्वपूर्ण पदों जैसे परीक्षा नियंत्रक और मुख्य नियंता को मानदेय की सुविधा दी जाएं