दिल्ली में नर्सरी में प्रवेश को लेकर पिछले पांच माह से चल रहा ऊहापोह बुधवार को खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर अपना फैसला सुनाते हुए नर्सरी एडमिशन पर लगी रोक हटा दी है।
साथ ही जिन अंतर-राज्यीय स्थानांतरण के मसले पर जिन बच्चों के अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था उन्हें स्कूलों में प्रवेश मिलेगा।
जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन अभिभावकों ने अदालत का दारवाजा खटखटाया है उनके बच्चों को एडमिशन मिलाना चाहिए।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि नेबरहुड और दूसरी श्रेणियों के लिये आवेदन करने वाले और लाटरी में चयनित बच्चों को प्रवेश दिया जाए।
जिसके खिलाफ दूसरे राज्यों से आए अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद 28 अप्रैल को पीठ ने सरकार से कहा था क्या वह इस साल प्रवेश के लिए सीटों की संखया बढ़ाने के पक्ष में है। जबकि हाईकोर्ट ने
दो मई को हुई सुनवाई में पीठ ने सरकार से पूछा था कि कि जब पिछली अधिसूचना के तहत प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई थी तब ऐसे में क्या नयी अधिसूचना जारी किया जाना न्यायोचित था।
पीठ ने पहले ही संकेत दिया था कि इंगित किया था कि सरकार ने आवेदनों के प्रक्रिया में आने के बाद स्थानांतरण के लिए आरक्षित सीटों को रद्द करने केलिए उठाया गया कदम उचित नहीं था।