पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में मंगलवार को सोई और पुसू छात्र संगठनों द्वारा हेल्पडेस्क पर खूनी हंगामे के बाद पीयू प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। अगले साल से किसी भी छात्र संगठन को हेल्पडेस्क लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अब केवल पंजाब यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ही हेल्पडेस्क लगाएगी और छात्र संगठनों के वालंटिर्स इसमें पीयू अधिकारियों की मदद कर सकेंगे। वीरवार को डीएसडब्ल्यू प्रो.नवदीप गोयल द्वारा हाल ही में पीयू कैंपस में हई मार पिटाई को लेकर सभी छात्र नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई।
सोई को छोड़ सभी अन्य छात्र संगठन के नेता मीटिंग में पहुंचे। करीब एक घंटे चली बैठक में पीयू अधिकारियों ने सभी छात्र नेताओं को कड़े शब्दों में कैंपस में हिंसा फैलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अब हिंसा हुई तो छात्र काउंसिल चुनाव रद्द!
प्रो.नवदीप ने कहा कि मंगलवार को हिंसक वारदात में शामिल छात्रों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। मीटिंग में डीएसडब्ल्यू ने कहा कि अगर आने वाले दिनों में किसी तरह की हिंसक वारदात हुई तो तुरंत चंडीगढ़ प्रशासन को चुनाव रद्द करने की चिट्ठी लिख दी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार मीटिंग में अधिकारियों ने चुनाव प्रचार के लिए पीयू द्वारा आवंटित बोर्ड अब नए सिरे से लगाए जाएंगे। पीयू के करीब 13 संगठनों के लिए अलग-अलग बोर्ड लगाए जाएंगे। अब बोर्ड पर पार्टी की जगह नंबर दिए जाएंगे।
ड्रा के द्वारा बोर्ड का चयन किया जाएगा। आगामी छात्र चुनाव होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी पूरी तरह चंडीगढ़ पुलिस को देने की तैयारी शुरू कर दी है।
जल्द ही इस मामले में पीयू की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन को चिट्ठी लिखी जाएगी। वीरवार मीटिंग में कुछ छात्र नेताओं ने चुनाव में पुलिस की कैंपस में मौजूदगी नहीं होने का मुद्दा उठाया, जिसे अधिकारियों ने खारिज कर दिया।
विद्यार्थियों के लिए सभी विभागों में हेल्पडेस्क
डा.जितेंद्र ग्रोवर ने कहा कि पीयू कैंपस में पहली बार दाखिला लेने के लिए आने वाले विद्यार्थियों की मदद के लिए सभी विभागों में हेल्पडेस्क बनाया जाएगा। उसी विभाग के दो रिसर्च स्कॉलर की ड्यूटी लगाई जाएगी।
पीयू अगले साल से अपने स्तर पर सिंगल विंडो के अलावा एक अलग हेल्पडेस्क सिस्टम शुरू करेगा। जिसपर नए सत्र में दाखिला लेने वालों की मदद की जाएगी। पीयू चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर डॉ.जितेंद्र ग्रोवर मीटिंग में सभी छात्र नेताओं को भविष्य में मंगलवार जैसी घटना होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे दी गई है।
अब ग्रुप लीडर पर भी पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा। अगले साल से छात्र नेताओं के हेल्पडेस्क पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया है।