उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में अब आईटी और आटोमोबाइल का वैकल्पिक पाठ्यक्रम भी शामिल किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 11 स्कूलों का चयन किया गया है, जिनके दो-दो शिक्षकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग अधिकारियों के मुताबिक इसके लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इंटर प्रथम वर्ष से बच्चे आईटी और आटोमोबाइल का कोर्स कर सकेंगे। कोर्स पूरा होने के बाद बच्चों को नौकरी के लिए भटकना न पड़े इसके लिए कंपनियां स्कूलों में प्लेसमेंट कैंप भी लगाएंगी।
प्रत्येक स्कूल में दो शिक्षक होंगे नियुक्त
बच्चों को आईटी और आटोमोबाइल के प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक स्कूल में दो व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। सिडकुल हरिद्वार, पंतनगर सितारगंज और सेलाकुई से इन स्कूलों में संविदा पर शिक्षकों को रखा जाएगा। इसके अलावा इन स्कूलों के कुछ शिक्षकों को व्यावसायिक शिक्षा के केंद्रीय संस्थान भोपाल में प्रथम चरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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इससे जहां नौकरी के लिए युवाओं का सीधे स्कूलों से चयन हो सकेगा। वहीं प्रदेश में स्थापित कंपनियों को प्रशिक्षित युवा मिल सकेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए सिडकुल हरिद्वार, पंतनगर सितारगंज और सेलाकुई से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
ये स्कूल किए गए चयनित
दून जनपद में
1-जीआईसी हर्बटपुर विकासनगर
2-जीआईसी सेलाकुई सहसपुर
3-जीआईसी गुजराड़ा रायपुर
4-जीजीआईसी राजपुर रोड
हरिद्वार जनपद में
5-बालिका इंटर कालेज ज्वालापुर
6-इंटर कालेज भेल
7-जीआईसी रुड़की
ऊधम सिंह नगर
8-जीआईसी सितारगंज
9-एएन झा जीआईसी रुद्रपुर
10-बालिका इंटर कालेज पंतनगर
11-जीआईसी मेहुवाखेडा गंज