2016-17 के लिए नर्सरी दाखिले की रेस शुरू हो गई। पहले दिन ही आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग (ईडब्ल्यूएस) अभिभावक ऑनलाइन फॉर्म के फेर में उलझे नजर आए। इस वर्ग के काफी संख्या में अभिभावकों के पास कंप्यूटर की सुविधा न होने के कारण ऑनलाइन फॉर्म भरने में खासी परेशानी हुई। वहीं, सरकार की हेल्प डेस्क का अभाव भी इस वर्ग के अभिभावकों को हुआ।
नर्सरी की रेस में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 1149 स्कूलों में पूरी तरह से ऑनलाइन फॉर्म भरे जाने हैं। पहले दिन ही जहां यह सिस्टम कुछ अभिभावकों के लिए अच्छी रहा वहीं कुछ अभिभावक ऐसे भी रहे जिन्हें इसके संबंध में जानकारी, कंप्यूटर के अभाव के कारण परेशानी उठानी पड़ी।
ईडब्ल्यूएस अभिभावक पूनम ने बताया कि उनके पास ऑनलाइन सिस्टम की व्यवस्था नहीं है। उन्हें नहीं पता कि कैसे फॉर्म भरना है कोई हेल्प डेस्क की भी जानकारी नहीं मिल रही है।
एक अन्य अभिभावक राकेश कुमार ने बताया कि हमारे वर्ग के लिए ऑनलाइन व्यवस्था का प्रयास अच्छा है, लेकिन फॉर्म भरने की सुविधा के लिए हे्ल्प डेस्क की सुविधा मिलनी चाहिए।
पीतमपुरा स्थित पी.पी इंटरनेशनल स्कूल में वीआर वन संस्था की ओर से नर्सरी दाखिले के लिए हेल्प डेस्क लगाई गई। संस्था की को-फाउंडर सुधा वोहरा ने बताया कि पहले दिन ही ईडब्ल्यूएस अभिभावक असमंजस में दिखे। फॉर्म भरने को लेकर उन्हें काफी दिक्कतें हैं।
सरकार ने पूरी तरह से ऑनलाइन दाखिले वाले 1149 स्कूलों की सूची तो उपलब्ध कराई है लेकिन बाकी स्कूलों में फॉर्म डाउनलोड करके उसे जमा कराना है। जिसके कारण अभिभावकों को परेशानी होगी।
सुधा के मुताबिक सरकार को इन स्कूलों की सूची भी उपलब्ध करानी चाहिए। मालूम हो कि सरकार ईडब्ल्यूएस वर्ग के दाखिले के लिए एनजीओ के माध्यम से जल्द ही हेल्प डेस्क लगाएगी।