दिल्ली के उपराज्यपाल ने नर्सरी दाखिले में मैनेजमेंट कोटा देने से नकार दिया है। उन्होंने माना कि इस कोटे का दुरुपयोग हो सकता है। ऐसे समाज में जहां सबको समान अधिकार दिए जाने की बात हो, वहां ऐसे नियम नहीं बनाए जा सकते।
अभिभावकों की परेशानी और मांग को समझते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने नर्सरी दाखिला नियमों में थोड़ा बदलाव किया है। अब दूरी की सीमा छह किलोमीटर से बढ़ाकर आठ किलोमीटर कर दी गई है। हालांकि विभिन्न पक्षों ने नेबरहुड दायरा 10 किलोमीटर करने या किलोमीटर के स्लैब के आधार पर नियमों में संशोधन करने की मांग की थी।
नए नियमों के तहत स्टाफ कोटे में भी बदलाव किया गया है। अब स्कूल कर्मियों के नाती-पोतों को भी इस कोटे का लाभ मिलेगा। इससे पहले केवल उनके बच्चों को ही इस कोटे के तहत छूट मिलती थी।
नई गाइडलाइन में उपराज्यपाल ने साफ किया है कि सह-शिक्षा स्कूलों में कुल सीटों की महज पांच फीसदी सीटों पर ही लड़कियों को दाखिला दिया जाता है, जोकि गलत है। छात्राओं को आरक्षित कोटा उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए दिया गया है। ऐसे स्कूलों में कोटे के अलावा भी सामान्य सीटों पर लड़कियों को दाखिला दिया जाए।
गौरतलब है कि नर्सरी दाखिले की नई गाइडलाइंस को लेकर विभिन्न पक्षों (अभिभावक, स्कूल, पीटीए व एनजीओ) के प्रतिनिधिमंडल ने 18 दिसंबर को शिक्षा निदेशालय और उपराज्यपाल से मुलाकात कर नियमों में बदलाव की मांग की थी।