चंडीगढ़ प्रशासन के एक आदेश ने शहर के कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे हजारों स्टूडेंट्स के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। डीसी मोहम्मद शाईन ने सभी कोचिंग सेंटर पर 60 दिन के लिए धारा 144 लगा दी है।
नोटिस के तहत कोई भी कोचिंग सेंटर स्कूल टाइम में सुबह 8 से 2 बजे तक किसी भी तरह की कोचिंग नहीं दे सकेगा। सोमवार से शहर के करीब 100 कोचिंग सेंटर पर अधिकारी छापेमारी करेंगे।
कोचिंग सेंटर को सील करने के आदेशों के बाद कोचिंग सेंटर प्रबंधकों ने रविवार को ही कक्षाओं को सस्पेंड करने का नोटिस जारी कर दिया। मार्च से होने वाली 12वीं बोर्ड की परीक्षा की तैयारी में जुटे हजारों स्टूडेंट्स के लिए प्रशासन का यह नोटिस मुसीबत बन गया है।
कोचिंग प्रबंधकों ने की मीटिंग
कोचिंग सेंटर के बाहर धारा 144 लगाने पर कोचिंग प्रबंधकों ने विरोध जताया है। कोचिंग प्रबंधकों ने शहर की कई अन्य एसोसिएशन के सहयोग से आवाज उठाने का फैसला किया है।
रविवार को सेक्टर-35 होटल में चंडीगढ़ एजुकेशनिस्ट एसोसिएशन (सीईए) की बैठक में करीब 20 प्राइवेट कोचिंग सेंटर प्रबंधकों ने इस मामले पर चर्चा की।
प्रबंधक इस संबंध में प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव से मिलेंगे। कोचिंग प्रबंधकों ने जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट जाने पर भी विचार कर रहे हैं।
कोचिंग सेंटर पंचकूला और मोहाली होंगे शिफ्ट
इस्टेट ऑफिस ने कुछ दिन पहले कई कोचिंग सेंटर को एससीओ और एससीएफ में चलाने पर नोटिस जारी किया है। नोटिस में कोचिंग सेंटरों को 7 दिन के भीतर शिफ्ट करने के आदेश दिए है।
उधर, कोचिंग सेंटर के बाहर धारा 144 लगाने के फैसले के बाद तो कोचिंग सेंटर प्रबंधक खासे परेशान हैं। जानकारी अनुसार, कई कोचिंग सेंटर ने पंचकूला और मोहाली में शिफ्ट करने का विकल्प भी खोजना शुरू कर दिया है।
लेकिन, शहर के कोचिंग सेंटर शिफ्ट होने से चंडीगढ़ में पढ़ रहे हजारों स्टूडेंट्स के लिए काफी दिक्कतें पैदा हो जाएंगी। देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों स्टूडेंट्स चंडीगढ़ में सुरक्षा और क्वालिटी एजुकेशन के कारण सिर्फ कोचिंग लेने आते हैं।
अब कोचिंग हब नहीं रहेगा चंडीगढ़
पिछले 10-12 सालों में चंडीगढ़ कोचिंग हब के तौर पर उभरा है। शहर में 500 से अधिक कोचिंग सेंटर हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद अब अधिकतर कोचिंग सेंटर बंद होने हो सकते हैं।
कई सालों से जेईईई, सीबीएसई पीएमटी, सिविल सर्विसेस, पीसीएस-एचसीएस, ज्यूडिशरी जैसी परीक्षाओं में चंडीगढ़ के युवाओं का जलवा बरकरार रहा है। लेकिन, इस्टेट ऑफिस की सख्ती से शहर कोचिंग हब नहीं रह पाएगा। 50 हजार से अधिक युवा हर साल चंडीगढ़ में विभिन्न तरह की कोचिंग लेते हैं।
स्कूलों पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन शहर में चल रहे डमी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की टीमें अब रूटीन में प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में औचक निरीक्षण कर स्टूडेंट्स की अटेंडेंस चेक करेंगे। डमी क्लास चलाने वाले स्कूलों पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।
यूटी कैडर एजुकेशनल इंप्लाइज यूनियन के प्रधान स्वर्ण सिंह कंबोज ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोचिंग सेंटर पर सख्ती से अब स्कूलों में स्टूडेंट्स की अटेंडेंस में काफी इजाफा होगा।