हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि को आखिरकार नए कुलपति मिल गए। विक्रम विवि (उज्जैन) से आए प्रो. जवाहर लाल कौल ने श्रीनगर के बजाए देहरादून स्थित विवि के सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह विवि को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर जोर देंगे।
सब रजिस्ट्रार कार्यालय में ग्रहण किया पदभार
बुधवार दोपहर करीब एक बजे प्रो. कौल बिंदाल पुल के पास स्थित विवि सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। उन्हें तुरंत दिल्ली में एमएचआरडी की मीटिंग में जाना था, इसलिए उन्होंने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में ही पदभार ग्रहण किया। विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. एलजे सिंह ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी।
प्रो. कौल ने कहा कि उन्हें यहां व्यवस्थाएं समझनी हैं, लेकिन वह सबके साथ मिलकर काम करेंगे और विवि को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाएंगे। विवि की संबद्धता संबंधी चुनौतियों के सवाल पर कहा कि वह पहले पूरे मामले को जानेंगे। स्टाफ के साथ मीटिंग करेंगे।
इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे। हां, इतना जरूर है कि जो भी दिक्कतें हैं, उन्हें व्यवहारिक पक्ष समझकर दूर किया जाएगा। प्रो. कौल अब तक विक्रम विवि, उज्जैन में बतौर कुलपति सेवाएं दे रहे थे। यहां विवि कुलसचिव प्रो. पीएस राना, डा. केडी पुरोहित, एसजीआरआर कॉलेज प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई, दून पीजी कॉलेज चेयरमैन चौधरी दरियाव सिंह, विष्णु नौटियाल, चंद्रशेखर पंत आदि रहे।
दस माह बाद मिले कुलपति
गढ़वाल विवि में स्थायी कुलपति प्रो. एसके सिंह के मार्च 2014 में रिटायर होने के बाद यहां पहले प्रो. एमएसएम रावत और फिर प्रो. एलजे सिंह ने बतौर कार्यवाहक जिम्मेदारी संभाली।
कार्यवाहक कुलपति इस दौरान कोई सख्त फैसला नहीं ले पाए, न एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग बुला सके। माना जा रहा है कि नए कुलपति के आने के बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी।