लखनऊ विश्वविद्यालय की पीजी प्रवेश प्रक्रिया और लंबी न खिंचे, इसके लिए विभागाध्यक्षों की मदद ली जाएगी।
विभागाध्यक्षों के पास अभ्यर्थियों की सूची भेज दी जाएगी। इसके बाद विभागाध्यक्ष इच्छुक अभ्यर्थियों को सत्यापित करके इसकी सूचना एडमिशन को-ऑर्डिनेटर को भेजेंगे।
इस तरह से पीजी की खाली सीटों के लिए कटऑफ सूची निकालने का झंझट खत्म हो जाएगा।
इसी तरह जिन अभ्यर्थियों को रेगुलर कोर्सेज में एडमिशन नहीं मिला है, वे सेल्फ फाइनेंस के लिए अर्ह होने पर कोर्स को-ऑर्डिनेटर से संपर्क करके दाखिला ले सकते हैं।
प्रवेश को-ऑर्डिनेटर प्रो. नवीन खरे के अनुसार पीजी के कई कोर्सेज में कुछ सीटें खाली हैं। सभी कोर्स की कटऑफ सूची निकालने और फीस जमा कराने के बाद अलॉटमेंट लेटर जारी करने में काफी समय लगता है।
इसके बाद अभ्यर्थियों को विभाग जाना ही होता है। अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि विभागाध्यक्ष फोन से एडमिशन लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों से संपर्क करके उनकी सूची उपलब्ध करा दें।
प्रो. खरे के अनुसार जिन अभ्यर्थियों को रेगुलर कोर्स में एडमिशन नहीं मिल पाया है और वे सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज में दाखिले के इच्छुक हैं तो वे कोर्स को-ऑर्डिनेटर से संपर्क कर सकते हैं।