डॉ. राम मनोहर लोहिया अपस्ताल को जल्द ही मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलेगा। इसमें एमबीबीएस की 150 सीटें होंगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
इससे प्रदेश में खुलने वाले छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ ही सातवां नाम लोहिया अस्पताल का भी जुड़ जाएगा।
अस्पताल को कॉलेज बनाने में 400-500 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। फिलहाल कैबिनेट की अगली बैठक में इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
जल्द ही सरकार राममनोहर लोहिया अस्पताल को भी मेडिकल कॉलेज का दर्जा देगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकार को अपनी मंजूरी दे दी है।
मेडिकल कॉलेज बनने से यहां पर मरीजों के लिए सुविधाएं तो बढ़ेंगी ही साथ ही एमबीबीएस, एमएस और एमडी की पढ़ाई भी शुरू हो सकेगी। शुरुआत में यहां एमबीबीएस की 150 की सीटें होंगी और उसके बाद एमडी और एमएस के कोर्स चलाए जाएंगे।
कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य चिकित्सा विभाग के जरिए यहां के लिए करीब 2500 कर्मचारियों और अधिकारियों की भर्ती होगी। वहीं कार्यरत स्टाफ स्वास्थ्य विभाग में वापस चला जाएगा। हालांकि जब तक पूरा स्टाफ नहीं मिलता, तब तक अस्पताल का स्टाफ प्रतिनियुक्ति पर काम करेगा।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों की मुख्य सचिव के साथ इस बारे में बैठक हुई थी और अधिकारियों ने अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। लिहाजा इसके लिए कैबिनेट नोट तैयार किया जा रहा है।