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कॉलेजों में शुरू नहीं होगा बीएड इंटीग्रेटिड कोर्स

Sun, 06 Dec 2015 11:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) के जमा दो के बाद चार वर्षीय बीएससी, बीए इंटीग्रेटिड कोर्स को प्रदेश में लागू नहीं किया जाएगा। प्रदेश भर के कॉलेजों में इस कोर्स के लिए कम हुए छात्रों के रुझान बीएड में कम हुए प्रवेश को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा की ओर से शिक्षा विभाग विश्वविद्यालय को कोर्स शुरू न करने के निर्देश दिए है।
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प्रदेश भर में चल रहे 73 निजी बीएड कॉलेजों में आठ हजार से अधिक की कुल बीएड कोर्स में से करीब मुश्किल से 2600 सीटें ही भरी जा सकी है। जिसके चलते प्रदेश सरकार को पहले बीएड कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा के 35 फीसदी प्राप्तांक की शर्त हटानी पड़ी, उसके बाद सिर्फ प्रवेश परीक्षा देने वालों और अंत में स्नातक की मेरिट के आधार पर दूसरे चरण की काउंसलिंग कर सीटें भरे जाने के आदेश देने पड़े।

बीएड कोर्स का दो वर्षीय और सेमेस्टर सिस्टम के तहत लाए जाने और कोर्स की फीस दोगुनी होने पर युवाओं ने इस कोर्स से किनारा कर प्रवेश नहीं लिया है। इस स्थिति को देखकर अब प्रदेश सरकार को एनसीटीई के नए सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेडिट कोर्स को कॉलेजों में शुरू करने का फैसला स्थगित करना पड़ा।
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सरकार ने इस संदर्भ में आगामी आदेश जारी किए जाने तक नया कोर्स शुरू करने का फैसला अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है। गौरतलब है कि एनसीटीई ने पिछले सत्र में ही बीएड कोर्स को दो साल और सेमेस्टर सिस्टम के तहत लाने और यूजी में जमा दो के बाद इंटीग्रेडिट कोर्स शुरू करने का फैसला दिया था। जिसे प्रदेश में लागू किया जाना था। सरकार के कोर्स शुरू न करने के फैसले से साफ है कि नए शैक्षणिक सत्र में यह कोर्स कॉलेजों में शुरू नहीं होगा।

बीएड कोर्स को 10, 11 दिसंबर को रखी गई है काउंसलिंग- विश्वविद्यालय ने प्रदेश सरकार के बीएड की खाली सीटों को भरे जाने को लेकर लिए गए फैसले और इस पर कुलपति के मिले आदेशों के बाद बीएड प्रवेश काउंसलिंग कमेटी ने सभी 73 बीएड कॉलेजों की सीटों को भरे जाने के लिए स्नातक डिग्री की मेरिट के आधार पर 10 और 11 दिसंबर को काउंसलिंग करवाएगा।

हालांकि इसमें भी सीटें भरे जाने में कोई विशेष सुधार होने की उम्मीद न के बराबर ही है। इस काउंसलिंग के कारण ही अब तक विवि ने बीएड के पहले सत्र के लिए आनलाइन परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। छात्र परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात कर प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाते रहे है।
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