तनाव और आसपास के माहौल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुझान घट रहा है। बच्चों में ड्रग्स के सेवन और आत्महत्या जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने इन समस्याओं का हल निकालने के लिए शिक्षकों को गाइडेंस और काउंसलिंग में ट्रेंड करने की पहल की है।
इसके तहत एनसीईआरटी ने डिस्टेंस लर्निंग के तहत ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत की है। कोर्स में बतौर शिक्षक काम कर रहे या फिर काम कर चुके लोगों को ही दाखिला मिलेगा।
इसका उद्देश्य पढ़ाई में रुझान बढ़ाना है। राष्ट्र्रीय शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान ने शिक्षकों के लिए दूरस्थ शिक्षा आधार पर एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया है।
कोर्स में भारत के साथ ही दक्षिण एशियाई देश के शिक्षक भी शामिल हो सकते हैं। पाठ्यक्रम का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी में होगा और इसे तीन भागों में बांटा गया है।
पहला भाग सात माह का होगा, जिसमें अभ्यर्थी उपलब्ध कराई किताबों से खुद पढ़ाई करेंगे। दूसरे भाग में दो महीने अध्ययन केंद्रों पर जाकर पढ़ाई करनी होगी।
तीन माह के अंतिम भाग में अभ्यर्थियों को अपने गृह जनपद में तीन महीने की इंटर्नशिप करनी होगी। कोर्स की शुरुआत एनसीईआरटी ने दिल्ली स्थित हेड ऑफिस के साथ ही पांच क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से की है।
अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर, मैसूर और शिलांग स्थित सभी केंद्रों पर हर साल अधिकतम 50 अभ्यर्थियों को एडमिशन दिया जाएगा। कोर्स के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 नवंबर है।