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LU: अभी ए ग्रेड मिलना दूर की कौड़ी

Tue, 28 Jan 2014 11:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) द्वारा ए ग्रेड पाने की तैयारियों में जुटे लखनऊ विश्वविद्यालय को झटका लग सकता है।
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फरवरी के बाद अब मार्च में भी नैक द्वारा मूल्यांकन हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि नैक मूल्यांकन के लिए 31 मार्च 2014 तक जो शिड्यूल जारी किया है उसमें एलयू का नाम ही नहीं है।

ऐसे में मार्च में नैक मूल्यांकन की तैयारियों में जुटे एलयू को झटका लग सकता है। एक बार अपनी तैयारियों का मॉक ड्रिल करवा चुके यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फरवरी में दूसरा मॉक ड्रिल करने का ऐलान किया है।
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लेकिन अगर मार्च में एलयू का नैक मूल्यांकन न हुआ तो उसकी तैयारियों को तगड़ा झटका लगेगा। इधर यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि नैक मूल्यांकन के लिए जो शिड्यूल जारी हुआ है उस सूची में आगे लखनऊ विश्वविद्यालय का नाम भी जुड़ जाएगा। फरवरी के पहले हफ्ते में इसकी स्थिति साफ होगी।

नैक द्वारा ए ग्रेड पाने के लिए इन दिनों लखनऊ यूनिवर्सिटी में हर तरफ रंग-रोगन, मरम्मत और निर्माण का कार्य चल रहा है। वहीं हर विभाग को पूरी तरह अलर्ट किया गया है कि वह अपने यहां सब कुछ अप टू डेट रखें।

विशेषज्ञों की टीम मॉक ड्रिल के माध्यम से विभागों की तैयारियों को परख चुकी है। हर विभाग अपने यहां चलाए जा रहे कोर्स, यहां से कितने स्टूडेंट का सेलेक्शन हुआ, एल्युमिनाई की लिस्ट, पढ़ाने वाले शिक्षकों का अपडेट पोर्टफोलियो सहित तमाम अन्य तैयारियां पूरी कर चुका है।

फरवरी के दूसरे हफ्ते में मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है। विभागों में इन दिनों काफी तेज तैयारियां चल रही हैं। इसका कारण यह है कि मार्च में नैक के द्वारा यूनिवर्सिटी का मूल्यांकन होना है।

ऐसे में अगर अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नैक टीम मार्च में एलयू का मूल्यांकन करने नहीं आती है तो यह कार्य लंबा खींच सकता है। क्योंकि मार्च में ही यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं शुरू होंगी।
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उसके बाद आगे लोकसभा चुनाव होने है। ऐसे में परीक्षा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों के कारण नैक मूल्यांकन का काम करवाना मुश्किल हो सकता है।

अगर नैक मूल्यांकन मार्च में न हो पाया तो फिर यह आगे जुलाई से पहले करवाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में यूनिवर्सिटी की तैयारियों को भी झटका लगेगा। क्योंकि एक बार जोर-शोर से हो रही तैयारियों का तारतम्य अगर टूटा तो उसे पटरी पर लाना चुनौती होगा।
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