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पॉलीटेक्निक में खाली रह गईं एक लाख से ज्यादा सीटें

Tue, 29 Jul 2014 03:42 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित पहले चरण की काउंसलिंग से महज 20 प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। प्रदेश के सरकारी व निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में कुल 1,33,638 सीटें हैं।
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जिसके मुकाबले मात्र 26, 595 सीटें ही भर पाई हैं। यानी पहली काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक लाख से ज्यादा सीटें खाली रह गई। इनमें ज्यादातर सीटें निजी संस्थानों की हैं।

सीटें खाली रहने से दूसरी काउंसलिंग की जा रही है। जानकारों के अनुसार सरकारी संस्थानों में इस समय केवल होरिजेंटल रिजर्वेशन (फ्रीडम फाइटर, 20 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं का दाखिला, विकलांग कोटा) वाली सीटें ही खाली हैं।
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बाकी सीटें फुल हो चुकी हैं। वहीं, दूसरी ओर पहले चरण की काउंसलिंग के बाद निजी संस्थानों में ज्यादातर सीटें खाली बची हुई हैं। खाली सीटों के लिए अब दूसरी काउंसलिंग आयोजित की जा रही है।

दूसरी काउंसलिंग में सीटें न भरने की सूरत में संस्थान 15 अगस्त की तय सीमा के अंदर सीधे दाखिले कर सकेंगे।

संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद सचिव योगेंद्र सिंह यादव के अनुसार सरकारी संस्थानों के साथ ही निजी संस्थानों की खाली सीटों के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग आठ अगस्त को पूरी करनी है।

इसके बाद शासन की नीति के अनुसार सभी पॉलीटेक्निक संस्थान सीधे दाखिले कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवेश 15 अगस्त तक पूरे करने होते हैं।

फिलहाल निजी पॉलीटेक्निक संस्थानों में ज्यादा सीटें खाली बची हुई हैं। आठ अगस्त तक दूसरे चरण की काउंसलिंग होनी है। इसके बाद निजी संस्थानों को सीधे दाखिले का अधिकार होगा।
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इस तरह निजी संस्थानों को दाखिले के लिए केवल एक सप्ताह का मौका मिलेगा।
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