हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए मौजूदा शैक्षणिक सत्र 2014-15 से स्कूलों में सभी विषयों की मासिक परीक्षाएं होंगी ताकि स्कूलों में शिक्षण और अध्ययन के स्तर को सुधारा जा सके।
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कईं जिलों के अधिकतर स्कूलों में नौवीं कक्षा का परिणाम शत प्रतिशत रहा है जबकि दसवीं की बोर्ड की परीक्षाओं में उनका परिणाम 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच रहा था। इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने मासिक परीक्षाएं कराने का फैसला लिया है।
स्कूल में ही ली जाएंगी परीक्षाएं
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि ये परीक्षाएं स्कूल में शिक्षकों द्वारा ली जाएंगी और प्रधानाचार्य व हैड टीचर इन परीक्षाओं का संचालन करेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों के परामर्श से मासिक मूल्यांकन के लिए डेटशीट तैयार की जाएगी। जनवरी, 2015 की मासिक परीक्षा के लिए पहली से पांचवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र विभाग द्वारा केन्द्रीकृत स्तर पर तैयार किये जाएंगे।
इसी तरह से फरवरी महीने की मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र शिक्षकों द्वारा प्रधानाचार्य के निरीक्षण में तैयार किये जाएंगे। छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए जनवरी-फरवरी, 2015 की मासिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र स्कूल स्तर पर तैयार किये जाएंगे।
मार्च 2015 से शुरू हो जाएंगी परीक्षाएं
मार्च, 2015 की परीक्षा के लिए पहली से आठवीं कक्षाओं के प्रश्न पत्र महानिदेशक प्राथमिक शिक्षा द्वारा शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दौरान पढ़ाए गए पूरे पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किये जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न पत्र कुल 100 अंकों का होगा।
25 प्रतिशत अंक गतिविधि आधारित अध्ययन या आतंरिक मूल्याकंन की पद्घतियों से विद्यार्थियों की स्तरीय क्षमताओं के आकलन के लिए रखे जाएंगे। प्रवक्ता के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन विषय शिक्षकों द्वारा स्वयं किया जाएगा।
स्कूल के प्रधानाचार्य या हेडटीचर द्वारा पूरे स्कूल के परिणामों को निर्धारित फॉरमेट में सारणीबद्घ करके खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को ई-मेल से भेजा जाएगा। साथ ही उन्हें इसे दस्ती तौर पर भी उपलब्ध करवाना होगा।
2015-16 में भी जारी रहेगी मासिक परीक्षा
मासिक आधार पर आकलन की यह प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र 2015-16 में कुछ संशोधन के साथ जारी रहेगी। संशोधन के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र में सितंबर और मार्च महीने के प्रश्न पत्र प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा तैयार किये जाएंगे।
सितंबर और मार्च की उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन स्कूल टीचरों की बजाए अन्य शिक्षकों द्वारा किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्कूल टीचरों और स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता द्वारा किये गये मूल्यांकन में कोई विशेष अंतर तो नहीं है।
अप्रैल, मई, जुलाई, अगस्त, अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी और फरवरी की मासिक परीक्षाएं शिक्षकों द्वारा स्वयं ली जाएंगी और प्रश्न पत्र भी स्वयं तैयार किये जाएंगे।
सितंबर और मार्च को छोड़ कर शेष महीनों की मासिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं क्लास टीचर या विषय अध्यापक द्वारा आंकी जाएंगी।
पहली से पांचवीं कक्षा जनवरी - शिक्षा विभाग तैयार करेगा केंद्रीकृत प्रश्न पत्र फरवरी - प्रधानाचार्य स्कूल में तैयार कराएंगे प्रश्न पत्र मार्च - शैक्षणिक सत्र के दौरान पढ़ाए पूरे पाठ्यक्रम के आधार पर बनेंगे प्रश्न पत्र छठी से आठवीं कक्षा स्कूल स्तर पर तैयार किये जाएंगे प्रश्न पत्र 100 नंबर का होगा प्रत्येक प्रश्न पत्र 25 फीसदी अंक आंतरिक मूल्यांकन के